भोपाल 25 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने बुधवार को पांचवीं और आठवीं की परीक्षाओं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस बार की परीक्षा के नतीजे पिछले सालों के मुकाबले बेहतर रहे हैं।
राज्य के मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में स्कूली शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने दोनों बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे जारी किए। इन परीक्षाओं में लगभग 24 लाख बच्चे शामिल हुए थे। इस बार आठवीं की परीक्षा में 93.83 प्रतिशत और पांचवीं की परीक्षा में 95.14 फीसदी छात्र-छात्राएं सफल रहे हैं। राज्य में पांचवीं की बोर्ड परीक्षा 20 से 26 फरवरी तक और आठवीं की बोर्ड परीक्षा 20 से 28 फरवरी के मध्य आयोजित की गई थी।
स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने परीक्षा नतीजे जारी करते हुए कहा कि पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षा आयोजित करने से बच्चों में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा का भय खत्म हो जाता है। राज्य सरकार स्कूली शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। जो छात्र इन परीक्षाओं में सफल नहीं हुए हैं उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि मई और जून में उन्हें फिर से अवसर मिलेगा और वे परीक्षा देकर सफलता हासिल कर सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य में ड्रॉप आउट रेट भी कम हो रहा है, क्योंकि एक तरफ पालक और दूसरी तरफ शिक्षक भी बच्चों को स्कूल में पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इस बार राज्य सरकार बच्चों के दाखिले के लिए 1 अप्रैल से प्रवेश उत्सव का आयोजन कर रही है जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव भी हिस्सा लेंगे। राज्य की पांचवीं-आठवीं की बोर्ड परीक्षा में ग्रामीण इलाकों के नतीजे शहरी इलाकों के मुकाबले बेहतर रहे हैं। राज्य में आठवीं में इंदौर और पांचवीं की परीक्षा में शहडोल अव्वल रहा है।
इस सवाल पर स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि हमारा ज्यादा फोकस ग्रामीण इलाकों पर रहा है और उसका प्रभाव साफ दिख रहा है। वहीं, दूसरी ओर, शहरी इलाकों में कुछ निजी स्कूलों के कारण नतीजा प्रभावित हुआ है। अब सरकार इस तरफ भी ध्यान देगी। राज्य में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा हो चुकी है और नतीजा का सभी को इंतजार है। स्कूल शिक्षा मंत्री ने उम्मीद जताई है कि अप्रैल माह के पहले सप्ताह में इन दोनों परीक्षाओं के नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।

