मुंबई, 12 मार्च (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के नवनियुक्त राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने गुरुवार को परिवार के साथ सिद्धिविनायक और महालक्ष्मी मंदिर के दर्शन किए। राज्यपाल ने 10 मार्च को महाराष्ट्र के 22वें गवर्नर के तौर पर शपथ ली थी।
महाराष्ट्र के नए राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा गुरुवार को अपनी पत्नी सुधा के साथ श्री सिद्धिविनायक मंदिर गए। यहां उन्होंने भगवान सिद्धिविनायक की पूजा-अर्चना की। इससे पहले, राज्यपाल श्री महालक्ष्मी मंदिर गए थे, जहां उन्होंने देवी महालक्ष्मी की आरती की।
बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पिछले दिनों त्रिपुरा के माणिक्य राजघराने के सदस्य जिष्णु देव वर्मा को तेलंगाना की जगह महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया। इसके बाद मंगलवार को उन्होंने पद की शपथ ली। मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की ओर जारी नियुक्ति का वारंट हिंदी और अंग्रेजी में पढ़ा। फिर बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर ने मुंबई स्थित महाराष्ट्र लोक भवन के दरबार हॉल में उन्हें पद की शपथ दिलाई।
इसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने राज्यपाल को गुलदस्ते देकर बधाई दी। समारोह के तुरंत बाद, राज्यपाल को भारतीय नौसेना की ओर से औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम, राष्ट्रगान और फिर राज्य के गीत से हुई। कार्यक्रम का इसका समापन भी वंदे मातरम और पुलिस बैंड की ओर प्रस्तुत राष्ट्रगान के साथ हुआ।
12 सितंबर 2025 को राज्य के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन के भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में चुने जाने के बाद महाराष्ट्र के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को दिया गया था।
महाराष्ट्र में अपनी नियुक्ति से पहले जिष्णु देव वर्मा 31 जुलाई 2024 तक तेलंगाना के राज्यपाल थे। 2018 से 2023 तक, वे त्रिपुरा के उपमुख्यमंत्री थे। उनके पास वित्त, ग्रामीण विकास और ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी थी।

