महिलाओं का अपमान कतई भी बर्दाश्त नहीं, गुंडों का इलाज किया जाएगा: डीयू की घटना पर प्रियंक कानूनगो

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नई दिल्ली, 14 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली विश्वविद्यालय में हुए विवाद के दौरान एक महिला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पर हुए हमले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने कहा है कि महिलाओं का अपमान कतई भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रियंक कानूनगो ने लिखा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में महिला पत्रकार के साथ हिंसक दुर्व्यवहार की शिकायत मिली है। हम संज्ञान ले रहे हैं, गुंडों का विधिसम्मत इलाज किया जाएगा। महिलाओं का अपमान कतई भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वहीं इस घटना को लेकर कुलपति योगेश सिंह ने शनिवार को शिक्षकों और छात्रों से सद्भाव बनाए रखने का आग्रह किया।

कुलपति ने कहा, “मैं दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों और छात्रों से अनुरोध करता हूं कि वे आपस में सद्भाव बनाए रखें। किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल न हों जिससे आपसी कलह बढ़े और देश तथा विश्वविद्यालय की छवि को नुकसान पहुंचे।”

उन्होंने कहा, “कल दिल्ली विश्वविद्यालय में घटी घटना चिंता का विषय है। विश्वविद्यालय में भारत के सभी राज्यों और सभी समुदायों के छात्र पढ़ते हैं। सामाजिक सद्भाव सर्वोपरि है और इसे बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है।”

कुलपति ने कहा, “मैंने आज कई छात्र समूहों और शिक्षक समूहों से बात की है और पुलिस प्रशासन से भी बात की है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो जिससे सद्भाव को नुकसान पहुंचे।”

उन्होंने कहा कि यूजीसी के नए नियम फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं और उन्होंने विश्वविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों से भारत सरकार पर अपना विश्वास बनाए रखने और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का इंतजार करने की अपील की।

यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 के समर्थन में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला इन्फ्लुएंसर के साथ कथित तौर पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने बदसलूकी की। बाद में शाम को छात्रों के एक अन्य समूह ने इन्फ्लुएंसर के लिए न्याय की मांग की और उत्तरी दिल्ली के मॉरिस नगर पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।