मालदीव ने अल-अक्सा मस्जिद के दरवाजे बंद करने पर इजरायल की निंदा की

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माले, 12 मार्च (आईएएनएस)। मालदीव सरकार ने अल-अक्सा मस्जिद के दरवाजे बंद करने की इजरायली कार्रवाई की कड़ी निंदा की। रमजान के पवित्र महीने में इस कदम को इस्लाम के पवित्र स्थलों की पवित्रता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया गया है।

मालदीव सरकार ने कहा क‍ि इजरायली बलों ने अल-अक्सा मस्जिद के दरवाजे बंद कर द‍िए हैं। इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक अल-अक्सा मस्जिद तक पहुंच को रोकना अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन है। सरकार ने इसे जानबूझकर उत्तेजना से भरा कदम बताया। सरकार ने कहा क‍ि यह कृत्य अल-अक्सा मस्जिद की पवित्रता, कानूनी स्थिति और धार्मिक महत्व को कम करता है।

सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील दोहराई कि इजरायल को मानवाधिकार उल्लंघन और इस पवित्र स्थल की अवहेलना के लिए जवाबदेह ठहराने के लिए निर्णायक कदम उठाए जाएं।

इससे पहले भी मालदीव सरकार ईरान की ओर से सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और अन्य भाईचारे वाले देशों पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा कर चुकी है। पहले भी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया था कि क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा लाने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज करें।

नागरिक इलाकों जैसे हवाई अड्डों और खाड़ी क्षेत्र में तेल सुविधाओं पर हुए हमले बेहद च‍िंता का विषय हैं। यह अंतरराष्ट्रीय कानून और जिनेवा संधियों का स्पष्ट उल्लंघन है। मालदीव सरकार ने इस बात पर भी अफसोस जताया कि इन हमलों के बावजूद खाड़ी देशों की ओर से कोई प्रतिकार नहीं किया गया।

मालदीव सरकार पहले भी कह चुकी है कि इन कार्रवाइयों ने खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ा दिया है। क्षेत्र में जारी हिंसा किसी भी शांति की संभावना को कमजोर करती है और मालदीव सभी पक्षों से तुरंत युद्धविराम की अपील करता है।

खाड़ी देशों की स्‍थित‍ि पर मालदीव सरकार के अलावा भी अन्‍य देश भी शांत‍ि की अपील कर चुके हैं।

इटली के राजदूत एंटोनियो बार्टोली तनाव खत्‍म करने की बात कह चुके हैं। उन्‍होंने ने कहा था, “इस युद्ध में डिप्लोमैटिक बातचीत और शांति को बढ़ावा देना चाह‍िए, ताकि युद्ध को जल्द से जल्द रोका जा सके। हम खाड़ी क्षेत्र और विदेशों में इटली के हजारों नागरिकों का ध्यान रख रहे हैं।

इसके अलावा चीन की ओर से शांत‍ि और समझौते की अपील की जा चुकी है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भी कह चुके हैं कि वर्तमान में खाड़ी क्षेत्र की स्थिति लगातार तनावपूर्ण होती जा रही है, जिससे बहरीन की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। वांग यी ने कहा था क‍ि चीन का रुख हमेशा स्पष्ट रहा है कि सभी देशों की प्रभुसत्ता और प्रादेशिक अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए।