रायपुर, 6 मार्च (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हार के भय से डरी हुई हैं। इसी वजह से वो इस तरह के कृत्य कर रही हैं, जिसे किसी भी कीमत पर अब स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ममता बनर्जी ने इस तरह की स्थिति पश्चिम बंगाल, देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और सुप्रीम कोर्ट में भी पैदा कर दी, जिससे कई तरह के गंभीर सवाल उठते हैं।
डिप्टी सीएम ने दावा किया कि ममता बनर्जी का वोट बैंक खिसका है। इसी वजह से वो डरी हुई हैं। इसके अलावा, अब सूबे में घुसपैठियों को चिन्हित करके उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इन्हीं सब स्थितियों को देखते हुए तृणमूल कांग्रेस में डर का माहौल बना हुआ है।
इसके अलावा, उन्होंने बिहार में हाल ही में हुए राजनीतिक घटनाक्रम पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि गठबंधन के घटक दल आने वाले दिनों में क्या कुछ फैसला करेंगे। इस बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की जाएगी। हम हर मुद्दे और हर बिंदु पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
साथ ही, उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार एक अद्भुत नेता हैं। उन्होंने एक या दो बार नहीं, बल्कि 10 बार बिहार के सीएम के रूप में शपथ ली है। यह कोई मामूली बात नहीं है। यह काम कोई सामान्य व्यक्ति नहीं कर सकता है। इस काम को सिर्फ नीतीश कुमार जैसे अद्भुत प्रवृत्ति के नेता ही कर सकते हैं। इसके लिए वो निसंदेह बधाई के पात्र हैं।
वहीं, उन्होंने नीतीश कुमार के राज्यसभा में जाने के फैसले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने अब अगर राज्यसभा में जाने का फैसला किया है, तो कुछ सोच समझकर ही किया होगा। अब तक हमने जिस तरह से उनके हर फैसले को सहर्ष स्वीकार किया है, मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि आगे भी हम इसी तरह से उनके हर फैसले को सहर्ष स्वीकार करते रहेंगे।
नीतीश कुमार के राज्यसभा में जाने के बाद बिहार में सीएम पद की जिम्मेदारी किसे दी जाएगी? इस पर भी डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया कि जब सभी पार्टियों के नेता एक साथ बैठेंगे, तो निश्चित तौर पर हम इस पर फैसला जरूर करेंगे कि अब प्रदेश में सीएम पद की कमान किसे सौंपी जाए।
इसके अलावा, उन्होंने नक्सलियों के पुनर्वास को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का हर क्षेत्र में पुनर्वास अनिवार्य है। सामाजिक और आर्थिक हर क्षेत्र में हर व्यक्ति का पुनर्वास होना चाहिए। यह जरूरी है। अभी हम हर बिंदु पर काम कर रहे हैं। जो भी नक्सली अब पुनर्वास कर रहे हैं, उन्हें भी हमारी तरह सामान्य जीवन जीने का पूरा अधिकार है।

