मानव संसाधन और आधारभूत ढांचे को लेकर सीआरपीएफ को कई अहम मंजूरियां

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नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल से जुड़े मानव संसाधन और संरचनात्मक सुधारों के लिए कई महत्वपूर्ण मंजूरियां दी हैं। इन फैसलों का उद्देश्य बल की कार्यक्षमता बढ़ाना और जवानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

मंत्रालय ने बल के एक प्रमुख पद का नाम बदलकर “वीआईपी सुरक्षा समूह” करने की स्वीकृति दी है। साथ ही, विशेष सुरक्षा ड्यूटी के लिए झारखंड के चतरा स्थित 190वीं बटालियन को निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, झारखंड की राजधानी रांची और छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में शस्त्र कार्यशालाएं स्थापित करने की मंजूरी दी गई है। इन दोनों कार्यशालाओं में विभिन्न पदों के कुल 38 पद सृजित किए जाएंगे।

महिला कर्मियों से जुड़े पदों में भी बदलाव किया गया है। मैट्रन के चार पदों और सहायक मैट्रन के 14 पदों को सहायक कमांडेंट स्तर पर परिवर्तित करने की स्वीकृति दी गई है, जिससे महिला कर्मियों को बेहतर अवसर मिल सकें। मंत्रालय ने यह भी मंजूर किया है कि सिपाही से लेकर उपनिरीक्षक स्तर तक के जवानों को बिना किसी अतिरिक्त वेतन या पेंशन लाभ के मानद पद प्रदान किए जा सकेंगे।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर और सुकमा जिलों और नागालैंड से 300 आदिवासी युवाओं की सिपाही (सामान्य ड्यूटी) के रूप में भर्ती की जानकारी भी दी गई है। इसके साथ ही आशुलिपिक संवर्ग के दूसरे पुनरीक्षण को भी मंजूरी प्रदान की गई है। हाल के समय में 297 राजपत्रित अधिकारियों, 9,585 अधीनस्थ अधिकारियों और 7,097 अन्य रैंकों को पदोन्नति दी गई है। उत्कृष्ट सेवा के लिए 10,293 महानिदेशक प्रशस्ति चिह्न और 5,812 प्रशंसा प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।

जवानों और उनके परिवारों के लिए आवास तथा अन्य सुविधाओं के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। मंत्रालय और महानिदेशक, सीआरपीएफ ने कार्यालय भवन, आवास निर्माण और विभिन्न स्थानों पर भूमि क्रय के लिए 1,118.28 करोड़ रुपये की प्रशासनिक तथा व्यय स्वीकृति प्रदान की है। इन निर्णयों से बल के जवानों को बेहतर कार्य वातावरण और पारिवारिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।