नई दिल्ली 22 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 131वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने देशवासियों से डिजिटल अरेस्ट को लेकर बात की।
पीएम मोदी ने कहा कि मेरे प्यारे देशवासियों मन की बात में मैंने आपसे डिजिटल अरेस्ट पर विस्तार से बात की है। इसके बाद देश में डिजिटल अरेस्ट और डिजिटल फ्रॉड को लेकर हमारे समाज में काफी जागरूकता आई है। लेकिन अभी भी हमारे आसपास ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जो अक्षम्य हैं। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों को डिजिटल अरेस्ट और फाइनेंशियल फ्रॉड का निशाना बनाया जा रहा है। कई बार पता चलता है कि किसी वरिष्ठ नागरिक की जीवनभर की कमाई ठग ली गई है।
उन्होंने कहा कि कभी उन पैसों की ठगी हो जाती है, जो उसने बच्चों की फीस जमा करने के लिए बचाए थे। कारोबारियों से धोखाधड़ी की खबरें भी हमें देखने को मिलती हैं। कोई फोन करता है और कहता है कि मैं एक बड़ा अधिकारी हूं। आपको कुछ डिटेल शेयर करनी होगी। इसके बाद भोले-भाले लोग ऐसा ही कर बैठते हैं। इसलिए आपका सतर्क रहना, जागरूक रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आप सभी केवाईसी की प्रक्रिया को तो जानते ही होंगे। कभी-कभी जब आपको बैंक से केवाईसी अपडेट या रिकेवाईसी करवाने के संदेश आते हैं, तो मन में सवाल उठता है कि मैंने तो पहले ही केवाईसी करवा ली है तो ये फिर क्यों?
पीएम मोदी ने आग्रह करते हुए कहा कि इससे झुंझलाए नहीं। ये आपके पैसे के सुरक्षा के लिए ही है। हम सभी जानते हैं कि आज पेंशन, सब्सिडी, बीमा, यूपीआई सबकुछ बैंक खाते से जुड़ा है। इसी वजह से बैंक समय-समय पर रिकेवाईसी करते हैं। ताकि आपका बैंक खाता सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि इसमें भी आपको एक बात याद रखनी है। जो अपराधी हैं, वो फर्जी कॉल करते हैं। एसएमएस और लिंक भेजते हैं, इसलिए हमें सतर्क रहना है और ऐसे धोखेबाजों के झांसे में नहीं आना है। केवाईसी या रिकेवाईसी केवल अपने बैंक की शाखा या आधिकारिक ऐप से ही कराएं। ओटीपी, आधार नंबर या बैंक खाते संबंधी जानकारी किसी को भी न दें। पीएम ने कहा कि सबसे अहम बात अपने पासवर्ड को समय-समय पर जरूर बदलते रहें।

