एमआई के साथ रोहित के 15 साल पूरे, शार्दुल बोले- ‘हर कोई वह नहीं कर सकता, जो उन्होंने किया’

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नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। मुंबई इंडियंस (एमआई) के दिग्गज खिलाड़ी रोहित शर्मा ने फ्रेंचाइजी के साथ अपने 15 साल पूरे कर लिए हैं। इस दौरान उन्होंने टीम को 5 बार आईपीएल चैंपियन बनाया है। तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर ने ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के सामने रोहित के लिए दिल को छू लेने वाले शब्द कहे, और उनकी कप्तानी के दूसरे पहलू पर रोशनी डाली।

शार्दुल ठाकुर ने फ्रेंचाइजी की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किए गए एक वीडियो में कहा, “हर किसी ने उनके (रोहित शर्मा) क्रिकेटिंग पहलू के बारे में बात की है, लेकिन मैदान के बाहर की बातों की बात करें तो, हर कोई वह नहीं कर सकता जो उन्होंने किया है। वह कई वर्षों से वैसे ही इंसान रहे हैं- बेशक, अब वह पहले से कहीं ज्यादा बेहतर इंसान बन गए हैं, लेकिन हां, उनमें ज्यादा बदलाव नहीं आया है। वह पहले दिन से लेकर आज तक मैदान के बाहर हमारे साथ वैसा ही बर्ताव करते हैं। इसलिए मैं बस एक ही बात कहूंगा, अपने अंदर के बच्चे को कभी मरने मत देना।”

रोहित ने अपने आईपीएल करियर की शुरुआत 2008 में डेक्कन चार्जर्स के साथ की थी, लेकिन 2011 में वह मुंबई इंडियंस में आ गए। इस ट्रांसफर का उस समय के कप्तान सचिन तेंदुलकर ने समर्थन किया था। उन्होंने 10 अप्रैल 2011 को फिरोज शाह कोटला में दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ मुंबई इंडियंस के लिए अपना पहला मैच खेला था। इस मुकाबले में नाबाद 27 रन बनाए और टीम को आठ विकेट से शानदार जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस मैच में उन्होंने तेंदुलकर के साथ मिलकर एक मैच-जिताऊ साझेदारी भी की थी।

हार्दिक पांड्या और कीरोन पोलार्ड ने भी रोहित को बधाई देते हुए युवा खिलाड़ियों के लिए एक मेंटॉर के तौर पर उनके योगदान को याद किया। 2013 से 2020 तक उनकी कप्तानी में मुंबई इंडियंस ने 5 आईपीएल खिताब जीते, जिससे लीग के इतिहास में सबसे सफल कप्तानों में से एक के तौर पर उनकी साख और मजबूत हुई।

फ्रेंचाइजी की तरफ से शेयर किए गए एक वीडियो में, रोहित ने अपने साथियों, सपोर्ट स्टाफ और फ्रेंचाइजी मैनेजमेंट के प्रति दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी कप्तानी के सफर को संवारने का श्रेय टीम के माहौल को दिया। उन्होंने टीम की सफलता के पीछे छिपे सामूहिक प्रयासों और अपने लंबे कार्यकाल के दौरान हासिल की गई व्यक्तिगत उपलब्धियों को भी स्वीकारा।

भारत के पूर्व कप्तान का मानना है कि यह उपलब्धियां किसी एक व्यक्ति की काबिलियत की नहीं, बल्कि पूरी टीम के सामूहिक प्रयास का नतीजा थीं। उन्होंने यह भी बताया कि फ्रेंचाइजी और उसके स्टेकहोल्डर्स से मिले समर्थन ने एक कप्तान और एक इंसान के तौर पर उनके विकास में कितनी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने फ्रेंचाइजी के मालिकों का भी आभार व्यक्त किया और अपने करियर के अहम पड़ावों पर उन्हें समर्थन देने में उनकी भूमिका को सराहा।