मुंबई, 15 फरवरी (आईएएनएस)। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) ने एक दुखद घटना में मारे गए व्यक्ति के परिवार और घायलों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। एमएमआरडीए ने स्पष्ट किया है कि वह पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है और जनता की सुरक्षा तथा नागरिकों की भलाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
इस घटना के बाद एमएमआरडीए ने तत्काल राहत उपायों की घोषणा की है। अथॉरिटी ने सरकारी नियमों, मंजूर दिशानिर्देशों और संबंधित कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों के अनुसार एक व्यापक वित्तीय सहायता फ्रेमवर्क तैयार किया है।
मृतक के परिवार को महाराष्ट्र सरकार की ओर से एक्स-ग्रेशिया सहायता, 5 लाख रुपए, जो सरकारी नियमों के अनुसार दी जाती है। एमएमआरडीए की ओर से वित्तीय सहायता, 15 लाख रुपए, अथॉरिटी के मंजूर नियमों के तहत और इंश्योरेंस कंपनी से मुआवजा, लगभग 15 से 20 लाख रुपए, जो लागू पॉलिसी शर्तों, कानूनी प्रक्रिया और मूल्यांकन के आधार पर निर्धारित और वितरित किया जाएगा।
घायल व्यक्तियों के लिए एमएमआरडीए ने पूरा मेडिकल खर्च वहन करने का वादा किया है। इसमें अस्पताल में भर्ती, सर्जरी, दवाइयां, पुनर्वास (रिहैबिलिटेशन), और फॉलो-अप उपचार शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, घायलों को मेट्रो प्रोजेक्ट से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट नियमों और इंश्योरेंस पॉलिसी के अनुसार उचित मुआवजा भी प्रदान किया जाएगा।
एमएमआरडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आधिकारिक बयान में कहा, “इस दुखद घटना से हमें गहरा दुख है। हम पीड़ित परिवारों और घायल नागरिकों के साथ पूरी तरह खड़े हैं। अथॉरिटी सरकारी नियमों, कॉन्ट्रैक्ट शर्तों और कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार सभी पात्र राशियों को पारदर्शी और तेजी से वितरित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।”
इसके लिए एमएमआरडीए ने संबंधित सरकारी विभागों, ठेकेदारों, इंश्योरेंस कंपनियों और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया है। सभी मुआवजा राशियों को प्राथमिकता के आधार पर प्रोसेस किया जा रहा है ताकि पीड़ितों को जल्द से जल्द सहायता मिल सके।
एमएमआरडीए ने सार्वजनिक सुरक्षा, कॉन्ट्रैक्ट अनुपालन और जिम्मेदार इंफ्रास्ट्रक्चर प्रबंधन के प्रति अपनी अटल प्रतिबद्धता दोहराई है। अथॉरिटी ने कहा कि ऐसी घटनाओं से सबक लेकर भविष्य में सुरक्षा मानकों को और सख्त किया जाएगा। मुंबई के विकास कार्यों में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि बनी रहेगी।

