नई दिल्ली, 6 मार्च (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले ने प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। जदयू कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध किया जा रहा है। राजद सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार बंधक हो गए हैं और उनके फैसले स्वतंत्र नहीं हैं। राजद सांसद ने दावा किया है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर जदयू कार्यकर्ता ही आरोप लगा रहे हैं कि सीएम बंधक हो गए हैं।
नई दिल्ली में राजद सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि ‘निश्चित रूप से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ‘बंधक’ बन गए हैं और उनके फैसले स्वतंत्र नहीं हैं। यह आरोप विपक्ष का नहीं है, राष्ट्रीय जनता दल का नहीं है, बल्कि ये बातें जदयू के अंदर से भी कही जा रही हैं। नीतीश कुमार का फैसला पार्टी का फैसला नहीं है। यह फैसला भाजपा और संघ का है। सीएम पर दबाव इतना ज्यादा था कि मजबूरी में नीतीश कुमार को राज्यसभा जाने का फैसला लेना पड़ा।
जदयू कार्यकर्ताओं की नाराजगी पर राजद सांसद ने कहा कि कुछ जदयू कार्यकर्ता जरूर होंगे जो नीतीश कुमार से नाराज होंगे। बिहार के सभी लोग इस बात से दुखी हैं। मेरे जैसे लोग, जो अपनी पढ़ाई के दौरान लोकल गार्जियन के तौर पर दिल्ली में रहे, उनके लिए राजनीतिक मतभेद एक अलग मामला है, लेकिन जिस शान-सम्मान के साथ नीतीश कुमार ने बिहार के राजनीतिक फैसले लिए हैं, दिल्ली के इशारे पर नहीं, अपने वजूद के आधार पर लिए हैं, बिहार हमेशा अपने फैसले खुद करता रहा है, इसमें दिल्ली का दखल नहीं होता था।
राजद सांसद ने कहा कि बिहार की राजनीति में पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव ने एक ट्रेंड सेट किया। प्रदेश के हित के फैसले सिर्फ बिहार की जनता ही लेगी। जो काम लालू प्रसाद यादव ने अपने कार्यकाल में किया, उनके बाद सीएम नीतीश कुमार ने भी स्वतंत्र होकर बिहार के हित में फैसले लिए। 35 साल बिहार राजनीतिक रूप से स्वतंत्र फैसला लेता रहा है, लेकिन आज बिहार कहां खड़ा है? दिल्ली से बिहार का फैसला हो रहा है। बिहार का भविष्य दिल्ली से तय हो रहा है, जो दुख का विषय है।
उन्होंने कहा कि बिहार का फैसला अब गुजरात के दो नेता कर रहे हैं, जो दुखद भी है। नीतीश कुमार का बिहार की राजनीति से जाना हमारे जैसे लोगों के लिए दुखद है। बिहार के फैसले अब गुजरात से होंगे।

