रमजान से जुड़े आदेश पर जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम की दो टूक, आस्था के मामलों में गैर-जरूरी दखल न दें अधिकारी

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जम्मू, 20 फरवरी (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर में रमजान के लिए जिला प्रशासन के आदेश पर उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी ने सख्ती दिखाई है। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारी कोई आदेश न निकालें, इसके लिए हम लोग बैठे हैं।

उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “लोगों ने यहां अपनी सरकार चुनी है। जो लोग सत्ता में हैं, उन्हें जनता के हित में काम करना चाहिए और ऐसे काम करने चाहिए जिनसे लोगों को खुशी मिले। इसका गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए और जनता के पैसे का इस्तेमाल देश के खिलाफ नहीं होना चाहिए। सही जवाबदेही और पैसे का सही इस्तेमाल जरूरी है।”

उन्होंने आगे कहा, ‘आस्था के मामलों को संवेदनशीलता और संयम से संभाला जाना चाहिए। हर धर्म के अपने अंदरूनी मामले और स्थापित रीति-रिवाज होते हैं। अधिकारियों को ऐसे मामलों में गैर-जरूरी दखल से बचना चाहिए।’

जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी ने कहा, “मैं कमिश्नर से पूछूंगा कि क्या दिक्कत है। जो भी है, उसे लोगों की सुविधा के लिए निस्तारण किया जाएगा। कुछ टेक्निकल फॉल्ट हो सकता है, लेकिन मैं अभी पक्के तौर पर कुछ नहीं कह सकता। लोगों को कोई परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान दिया जा रहा है।”

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने आदेश दिया था कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के सेक्शन 163 के तहत जारी ऑर्डर के मुताबिक कोई भी व्यक्ति, एनजीओ, ट्रस्ट, सोसाइटी या कमेटी संबंधित कानूनों के तहत वैलिड रजिस्ट्रेशन और एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, वक्फ बोर्ड यूनिट किश्तवाड़, इमाम जामिया मस्जिद किश्तवाड़ या संबंधित तहसीलदारों से पहले से लिखित मंजूरी के बिना पैसा, सामान या डिजिटल मोड में डोनेशन इकट्ठा नहीं करेगा।

एसआईआर पर सुरिंदर कुमार चौधरी ने कहा, “हम अलर्ट और सावधान रहेंगे और किसी भी परेशानी से बचने की पूरी कोशिश करेंगे। जनता को जागरूक करने की जरूरत है। इसलिए हम लोग भी जनता को एसआईआर के बारे में बताएंगे, जिससे कुछ गलत न हो।”

पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की किताब पर उप मुख्यमंत्री ने कहा, “मैंने इस पर कोई किताब नहीं पढ़ी है। आज, जैसा आपने या दूसरों ने कहा है, व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी ग्रुप्स पर कुछ चर्चा हो रही है। कुछ बातें किताबें पढ़कर ही सबसे अच्छी तरह समझ में आती हैं।”