नमाज के नाम पर हिंदू त्योहारों की शोभायात्रा को रोकना बंद करे मुंबई पुलिसः किरीट सोमैया

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मुंबुई, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। भाजपा नेता व पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती को पत्र लिखकर नमाज, मस्जिद आदि के नाम पर रामनवमी और अन्य हिंदू त्योहारों की शोभायात्राओं को रोकने की प्रथा को बंद करने की मांग की है।

पुलिस आयुक्त को लिखे पत्र में किरीट सोमैया ने लिखा है, “मुंबई और महाराष्ट्र में पिछले कुछ वर्षों में मस्जिद के सामने किसी भी हिंदू धर्म की यात्रा निकलने की अनुमति नहीं दी जाती। जब जुलूस मस्जिद के सामने से गुजरता है तो पूरी तरह से शांत रहने और मौन रहने के लिए कहा जाता है। पुलिस ऐसे अजीब नियम लागू कर रही है। इसमें सुधार की आवश्यकता है।

उन्होंने लिखा, “इस बार रामनवमी का जुलूस घाटकोपर, पवई और चेंबूर से गुजरते समय वहां के पुलिस अधिकारियों ने नियमावली के नाम पर अजीब प्रतिबंध लगाए। नमाज का समय होने के कारण जुलूस को रोका गया। मस्जिद के पास या 200–300 मीटर की दूरी से ही मौन रहने के लिए बाध्य किया गया। कई बार मस्जिद से अवैध लाउडस्पीकर पर पुकार दी जाती है, उस समय सभा या जुलूस के लाउडस्पीकर बंद कर दिए जाते हैं और पुलिस मौन बनाए रखने के निर्देश देती है।

किरीट सोमैया ने लिखा, पुलिस आदेश देती है कि मस्जिद के सामने से जुलूस नहीं जा सकता। मस्जिद अधिकृत हो या अनधिकृत, मार्ग बदलने का दबाव डाला जाता है। कोई 100–200 फुट की मस्जिद सरकारी होने पर भी पुलिस हिंदुओं के जुलूस, कार्यक्रम या सार्वजनिक कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगाती है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्पष्ट रूप से बताते हैं कि यह “एसओपी” है और इस प्रकार की लिखित/अलिखित नियमावली का कारण भी बताते हैं। कई जगह पुलिस आयोजकों को धमकियां देती है और कहती है कि यह लिखित नियम है।

भाजपा नेता ने कहा, “26 मार्च को रामनवमी की शोभायात्रा में कई जगहों पर आयोजकों के खिलाफ अनुचित व्यवहार किया गया। श्रीरामनवमी की शोभायात्रा को बमखाना, घाटकोपर में “नमाज” के नाम पर 45 मिनट तक रोका गया। विरोध करने पर डीसीपी द्वारा अभद्र व्यवहार और धमकी दी गई। नेहरू नगर में स्पीकर सहित पूरा ट्रक जबरन पुलिस स्टेशन ले जाया गया। एसीपी द्वारा कार्यकर्ताओं के साथ अपमानजनक भाषा और धमकी दी गई। एसीपी ने गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया कि 6 बार नमाज़ होगी तो 6 बार रुकना पड़ेगा।

वर्षों से जारी ऐसे अवैध हस्तक्षेप और अवरोध रोके जाने चाहिए। रामनवमी या अन्य हिंदू उत्सवों के लिए मस्जिद, नमाज या अनधिकृत मस्जिद के नाम पर झूठे नियम व प्रतिबंध लागू करने से पुलिस को रोकना चाहिए।