नौसेना के आईओएस सागर पहल में शामिल सैनिकों ने साझा किए अनुभव, कहा-प्रशिक्षण मूल्यवान व ज्ञानवर्धक

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मुंबई, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना हिंद महासागर के देशों के साथ समुद्री साझेदारी को मजबूत करने के लिए इंडियन ओशन शिप (आईओएस) सागर का दूसरा संस्करण मार्च में शुरू हुआ है। इंडियन ओशन शिप (आईओएस) सागर भारतीय नौसेना की एक पहल है जो समुद्री सहयोग को बढ़ावा देती है, जिसमें मित्र विदेशी देशों (एफएफसी) के कर्मी भारतीय नौसेना के जहाजों पर प्रशिक्षण और नौकायन करते हैं। यह भारत की सागर नीति के तहत हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में अंतर-संचालनीयता और साझा समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देता है। दूसरे संस्करण में भारत की सागर नीति के तहत 16 मित्र विदेशी देशों के कर्मी भारतीय नौसेना के जहाजों पर प्रशिक्षण और नौकायन कर रहे हैं।

प्रशिक्षण में शामिल आईओएस सागर के कप्तान एस. चौधरी, पीओ अक्विनो मार्टिंस (तिमोर लेस्ते), तिवेश रामचर्न (मॉरीशस के पुलिस उप सहायक अधीक्षक), चीफ पेटी ऑफिसर रामाटेमा (दक्षिण अफ्रीका), खलीफा राशिद अलयालाइल (संयुक्त अरब अमीरात सशस्त्र बल), लेफ्टिनेंट मुहम्मद शफी बिन मोहम्मद जुसोह (रॉयल मलेशियाई नौसेना, मलेशिया), लुकमान माजिद (इंडोनेशिया) ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए अपने अनुभव साझा किए।

आईओएस सागर के कप्तान एस चौधरी ने कहा, “16 भागीदार देश हिंद महासागर पोत सागर पर सवार हैं। सागर का अर्थ है क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास। यह एक सहयोगात्मक समुद्री ढांचा है, जिसमें हमारे भागीदार देशों के अधिकारी और नौसैनिक हिंद महासागर पोत सागर पर सवार हुए हैं।”

तिमोर-लेस्ते के पीओ अक्विनो मार्टिंस ने कहा, “सिमुलेटर के माध्यम से मैंने बोर्डिंग ऑपरेशन, अग्निशमन, क्षति नियंत्रण और जीवन रक्षक उपकरणों का अभ्यास किया है। मुझे लगता है कि इससे तैनाती के लिए मेरा अनुभव बेहतर हुआ है।”

चीफ पेटी ऑफिसर रमातेमा (दक्षिण अफ्रीका) कहती हैं, “यह पहली बार है जब मैं अलग-अलग दल के सदस्यों के साथ जुड़ रही हूं, लेकिन मित्रवत बल का हिस्सा बनना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। शुरुआत में भाषा एक बाधा थी, लेकिन अब मैंने उनकी भाषाएं सीखना शुरू कर दिया है, उनकी भाषाओं में अभिवादन करना सीख लिया है, जिसमें हिंदी भी शामिल है।”

मॉरीशस (राष्ट्रीय तटरक्षक बल) के उप सहायक पुलिस अधीक्षक तिवेश रामचर्न ने कहा, “यह अनुभव बहुत ही लाभदायी रहा। मुझे अत्याधुनिक उपकरणों से लैस ऑनबोर्ड सिस्टम पर काम करने का अवसर मिला और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में सिस्टम की कुछ समस्याओं को हल करने का भी मौका मिला।”

रॉयल मलेशियन नेवी (मलेशिया) के लेफ्टिनेंट मुहम्मद शफी बिन मोहम्मद जुसोह आरएमएन ने कहा, “कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान में हमारा प्रशिक्षण अनुभव अत्यंत मूल्यवान और पेशेवर रूप से ज्ञानवर्धक रहा है। बोर्डिंग प्रशिक्षण, सीमैनशिप इवोल्यूशन, अग्निशमन और क्षति नियंत्रण अभ्यास, जिसमें आईएनएस रोंचरी में सत्र भी शामिल है, के माध्यम से हमने अपने परिचालन कौशल, टीम वर्क और समुद्र में तत्परता को बढ़ाया है।”