नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। भगवती की आराधना को समर्पित चैत्र नवरात्र का पांचवां दिन 23 मार्च को है। इस दिन धन, समृद्धि और सौभाग्य की देवी मां लक्ष्मी को समर्पित लक्ष्मी पंचमी भी पड़ रहा है। इसे श्री पंचमी या श्री व्रत भी कहते हैं। हिंदू नववर्ष (चैत्र से प्रारंभ) के पहले सप्ताह में पड़ने वाला यह दिन बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन भक्त सुबह से व्रत रखते हैं और घर-घर के साथ कार्यालय में भी मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करते हैं।
धार्मिक मान्यता है कि लक्ष्मी पंचमी पर पूजा करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है और वर्ष भर सुख-समृद्धि बनी रहती है। आज के पंचांग के अनुसार, कई शुभ योग और मुहूर्त उपलब्ध हैं, जो पूजा, दान और नए कार्यों के लिए बेहद अनुकूल हैं। सोमवार को सूर्योदय 6 बजकर 22 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 34 मिनट पर होगा।
सोमवार को पंचमी तिथि शाम 6 बजकर 38 मिनट तक है। उदयातिथि के अनुसार, पूरे दिन पंचमी तिथि का मान होगा। नक्षत्र कृत्तिका शाम 8 बजकर 49 मिनट तक है।
माता लक्ष्मी की पूजा, श्री सूक्त पाठ, कमलगट्टे की माला से जप और दान-पुण्य सर्वार्थ सिद्धि योग, अभिजित मुहूर्त या अमृत काल में करें। इस दिन मां लक्ष्मी की कृपा से धन-धान्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 47 मिनट से 5 बजकर 35 मिनट पर अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 3 मिनट से 12 बजकर 52 मिनट तक विजय मुहूर्त 2 बजकर 30 मिनट दोपहर से 3 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त 6 बजकर 33 मिनट शाम से 6 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। वहीं, अमृत काल 6 बजकर 37 मिनट शाम से 8 बजकर 5 मिनट तक रहेगा। लक्ष्मी पंचमी पर सर्वार्थ सिद्धि योग 8 बजकर 49 मिनट शाम से अगले दिन 6 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। वहीं, रवि योग 8 बजकर 49 मिनट शाम से अगले दिन 6 बजकर 21 मिनट की सुबह तक रहेगा।
अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल सुबह 7 बजकर 53 मिनट से 9 बजकर 25 मिनट तक यमगंड सुबह 10 बजकर 56 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक, गुलिक काल दोपहर 1 बजकर 59 मिनट से 3 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। दुर्मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 52 मिनट से 1 बजकर 41 मिनट तक और विडाल योग शाम 8 बजकर 49 मिनट से अगले दिन सुबह 6 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। इनमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं।

