नवरात्र विशेष : इम्युनिटी से बॉडी डिटॉक्स तक, व्रत में नींबू पानी है सेहत के लिए वरदान

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नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। चैत्र नवरात्र के इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा की आराधना के साथ-साथ व्रत रखते हैं। व्रत के दौरान शरीर को ऊर्जा और पोषण की जरूरत होती है, लेकिन भारी भोजन से परहेज भी करना पड़ता है। ऐसे में नींबू पानी एक आसानी से बनाए जाने वाला, प्राकृतिक और सेहतमंद विकल्प है, जो व्रत में न केवल प्यास बुझाता है, बल्कि कई स्वास्थ्य लाभ भी देता है।

भारत सरकार का आयुष मंत्रालय भी इस घरेलू नुस्खे को काफी फायदेमंद बताता है। सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी में ताजा नींबू निचोड़कर पीना शरीर के लिए वरदान साबित होता है। नींबू में भरपूर विटामिन-सी, एंटीऑक्सीडेंट और साइट्रिक एसिड पाया जाता है, जो इम्यूनिटी को मजबूत करता है। व्रत के दिनों में शरीर कमजोर होने का खतरा रहता है, लेकिन नींबू पानी नियमित लेने से सर्दी-जुकाम, थकान और संक्रमण से बचाव होता है।

व्रत में अक्सर पेट फूलना, गैस, अपच और कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन गुनगुना नींबू पानी पाचन तंत्र को सक्रिय रखता है, एसिडिटी को कम करता है और आंतों को साफ करता है। इससे व्रत आसानी से पूरा होता है और शरीर हल्का महसूस होता है। साथ ही यह लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। व्रत के दौरान शरीर में जमा टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं, जिससे लिवर स्वस्थ रहता है और ऊर्जा बनी रहती है। नींबू पानी वजन नियंत्रण में भी सहायक है। व्रत में मीठे-तले भोजन से परहेज करने के बावजूद कई लोगों का वजन बढ़ जाता है।

गुनगुना नींबू पानी मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है, फैट बर्न करने में मदद करता है और भूख को नियंत्रित रखता है। व्रत के बाद भी इसे जारी रखने से वजन संतुलित रहता है। त्वचा के लिए भी यह रामबाण है। व्रत में पानी कम पीने से त्वचा रूखी हो सकती है। नींबू में मौजूद विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट मुंहासे, दाग-धब्बे कम करते हैं और चेहरा चमकदार बनाते हैं। नियमित सेवन से त्वचा जवां और स्वस्थ दिखती है।

नींबू पानी बनाने का तरीका भी आसान है। इसके लिए एक गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़ें। स्वाद के लिए थोड़ा शहद मिला सकते हैं, लेकिन चीनी बिल्कुल न डालें। बहुत गर्म पानी न लें, सिर्फ गुनगुना ही इस्तेमाल करें। व्रत में फलाहार के साथ या दिन में 2-3 बार पी सकते हैं।