मुंबई, 8 मार्च (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने जदयू कार्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। महाराष्ट्र से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हुसैन दलवई ने कहा कि इससे एक चीज तो साफ हो गई है कि बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बनेगा।
आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि निशांत कुमार की कोई खास हैसियत नहीं रह जाएगी और वे डिप्टी सीएम बनकर रह जाएंगे। यहां भी दो डिप्टी सीएम हैं, लेकिन सारा कामकाज मुख्यमंत्री ही चलाते हैं। मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम के पद में बहुत फर्क होता है। डिप्टी सीएम एक मंत्री की तरह होता है, उसे कोई खास कानूनी या संवैधानिक अधिकार नहीं होते। मुख्यमंत्री के जो अधिकार होते हैं, वे डिप्टी सीएम को नहीं मिलते। ऐसे में एक तरह से वहां अब नीतीश कुमार की राजनीति खत्म हो जाएगी।
भाजपा द्वारा पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अपमान करने के आरोप पर हुसैन दलवई ने कहा कि राष्ट्रपति का पद ऐसा है कि जिसे प्रोटोकॉल देना चाहिए। प्रोटोकॉल का पालन न करना मेरे ख्याल से गलती है, लेकिन इसके पीछे क्या कारण है, वहां यह लोग क्यों गए, आगे जाकर ममता बनर्जी क्या कहती हैं, उसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिर भी वहां प्रोटोकॉल दिया जाना चाहिए था।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर कांग्रेस नेता ने कहा कि स्पीकर को हमेशा अलिप्त रहना चाहिए। किसी की तरफदारी करना गलत है। ओम बिरला तो हमेशा वही करते रहे हैं जो भाजपा कहती रही है। इसलिए यह रिजोल्यूशन लाया गया है। मेरे ख्याल से इसमें नीतीश कुमार के जो लोग हैं या नायडू साहब के जो लोग हैं, अगर वे अलिप्त रहेंगे तो यह रिजोल्यूशन पास हो जाएगा।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा ‘द केरल स्टोरी 2’ और सिनेमा इंडस्ट्री पर की गई टिप्पणी पर हुसैन दलवई ने कहा कि राहुल गांधी ने जो कहा वह बिल्कुल सही है। जब से भाजपा सरकार आई है, तब से कुछ प्रोड्यूसर इस तरह की फिल्में बना रहे हैं, जिससे समाज में दरार पैदा हो। यह बिल्कुल गलत बात है। पहले जो फिल्में बनती थीं, जैसे ‘मदर इंडिया’ और ‘बंधिनी,’ बहुत अच्छी फिल्में थीं, जो समाज में एकता लाने की कोशिश करती थीं। अब गलत तरीके से फिल्में बनाई जा रही हैं, जिससे समाज में विभाजन होगा और दरार पैदा होगी। कलाकारों का ऐसा करना बिल्कुल गलत है।
एसआईआर को लेकर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि बड़े पैमाने पर लोगों को मतदान का अधिकार नहीं मिलने की कोशिश की गई है। कई लोगों के नाम कटवाने का काम भी हुआ है। मेरे ख्याल से यह संविधान के खिलाफ है और लोकतंत्र भी इस बीच सुरक्षित नहीं रहेगा। जब से नया चुनाव आयुक्त आया है, ऐसा लगता है कि चुनाव आयुक्त सरकार के इशारे पर चल रहे हैं। यह बिल्कुल गलत बात है। चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है, लेकिन आजकल वह स्वतंत्र नहीं रह गया है।

