नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। आजकल लोग बेहतर स्वास्थ्य की चाह में विदेशी और महंगे फलों को प्राथमिकता दे रहे हैं, लेकिन इस होड़ में वे अपने आसपास उपलब्ध पारंपरिक फलों के गुणों को नजरअंदाज कर रहे हैं। ‘अंजीर’ एक ऐसा ही फल है, जिसे सदियों से स्वास्थ्यवर्धक माना गया है। आधुनिक विज्ञान भी इसकी पुष्टि करता है कि अंजीर में प्रचुर मात्रा में ऐसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो न केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं, बल्कि पाचन तंत्र को भी सुदृढ़ करते हैं।
आयुर्वेद के अनुसार, अंजीर को ‘मधुर’ और ‘शीतल’ गुणों वाला फल माना जाता है। इसका नियमित सेवन शरीर में संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। यह खासतौर पर पाचन तंत्र के लिए लाभकारी होता है।
विज्ञान की मानें तो, अंजीर में घुलनशील और अघुलनशील दोनों प्रकार के फाइबर पाए जाते हैं। यही फाइबर आंतों को साफ रखने में मदद करता है और कब्ज जैसी समस्या को दूर करता है। जब पाचन सही रहता है, तो शरीर में पोषक तत्वों का अवशोषण भी बेहतर होता है, जिससे सेहत में सुधार आता है।
अंजीर हड्डियों के लिए भी फायदेमंद है। इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। जिन लोगों को बोन डेंसिटी की समस्या होती है, उनके लिए अंजीर का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है।
एनर्जी के लिए भी अंजीर एक अच्छा विकल्प है। इसमें प्राकृतिक शुगर और आयरन पाया जाता है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देने में मदद करता है। आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बेहतर बनाता है, जिससे थकान कम होती है और व्यक्ति दिनभर सक्रिय महसूस करता है। यही कारण है कि जिन लोगों को कमजोरी या एनीमिया की समस्या होती है, उन्हें सीमित मात्रा में अंजीर लेने की सलाह दी जाती है।
दिल की सेहत के लिए भी अंजीर को लाभकारी माना जाता है। इसमें पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स की अच्छी मात्रा होती है, जो ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करते हैं। पोटेशियम शरीर में सोडियम के प्रभाव को कम करता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर का खतरा घटता है। वहीं, एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में फ्री रेडिकल्स को कम करते हैं, जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का जोखिम कम होता है। नियमित और संतुलित मात्रा में अंजीर का सेवन कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है।


