पाकिस्तान-अफगानिस्तान हिंसक झड़प को लेकर यूएन का खुलासा, मारे गए अफगानी नागरिकों में 55 फीसदी महिलाएं और बच्चे

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नई दिल्ली, 6 मार्च (आईएएनएस)। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बीते कुछ दिनों से हिंसक झड़प देखने को मिल रही है। अफगानिस्तान की ओर से जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने खुले जंग का ऐलान कर दिया। वहीं दोनों देशों में हिंसक झड़प के बीच संयुक्त राष्ट्र ने अफगानिस्तान में हुए नुकसान को लेकर बयान जारी किया है।

यूएन की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन पाकिस्तान और अफगानिस्तान के अधिकारियों के बीच हुई झड़पों की वजह से अफगानिस्तान के अंदर आम लोगों के मारे जाने की घटनाओं को वेरिफाई और रिकॉर्ड कर रहा है।

यूएन ने कहा कि 26 फरवरी की देर शाम से 5 मार्च तक संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन ने अफगानिस्तान में कुल 185 आम लोगों के मारे जाने की घटनाओं को सत्यापित और दर्ज किया। इनमें से 56 आम लोग मारे गए और 129 घायल हुए, जो अप्रत्यक्ष गोलीबारी और हवाई हमलों की वजह से हमले के शिकार हुए। इस दौरान दर्ज आंकड़ों में आम लोगों में से ज्यादातर (55 फीसदी) औरतें और बच्चे थे।

27 फरवरी को पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में हवाई हमलों में 14 आम लोग (चार औरतें, दो लड़कियां, पांच लड़के और तीन आदमी) मारे गए और छह दूसरे (दो औरतें, एक लड़की, दो लड़के और एक आदमी) घायल हो गए। हाल ही में बॉर्डर पार हुई हथियारों की झड़पों में मारे गए आम लोगों की संख्या, यूएनए द्वारा 10-17 अक्टूबर 2025 के बीच अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पार की दुश्मनी के दौरान हुई आम लोगों की मौतों की संख्या से ज्यादा है। उस समय 47 आम लोग मारे गए थे और 456 और घायल हुए थे।

यूएन ने बताया कि 2025 के आखिरी तीन महीनों में यूएनएएमए ने अफगानिस्तान में कम से कम 70 आम लोगों के मारे जाने और 478 लोगों के घायल होने का रिकॉर्ड बनाया। इसके अलावा, 1 जनवरी से 22 फरवरी 2026 के बीच, नंगरहार प्रांत में हवाई हमलों और बॉर्डर पार से गोलाबारी में 13 आम लोग मारे गए और 12 अन्य घायल हुए।

संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन सभी पार्टियों से आम लोगों की मौत को रोकने के लिए प्रोटोकॉल लागू करने और आम लोगों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने की अपनी अपील दोहराता है।