मुंबई, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर फडणवीस सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि नासिक अब अपराधियों का अड्डा बन गया है।
मुंबई में आईएएनएस से बातचीत में शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने कहा कि पहले अशोक खरात मामले की जानकारी सामने आई। इसके बाद एक अन्य बाबा का मामला सामने आया, जो वहां एक एनजीओ चलाता है। अब आईआईटी और मल्टीनेशनल कंपनियों में ‘लव जिहाद’ तथा धर्मांतरण के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं, आपराधिक गतिविधियों के भी कई मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इससे स्पष्ट होता है कि नासिक अब अपराधियों के लिए ‘डर-मुक्त’ जगह बन गया है।
उन्होंने गृह मंत्री और मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हुए कहा कि दूसरे राज्यों के प्रचार से ध्यान हटाकर यहां भी ध्यान लगाएं, ताकि राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत किया जा सके। जो अपराधी नासिक को बदनाम करने पर तुले हुए हैं, वे भगवान राम की पावन भूमि और पंचवटी के नाम से प्रसिद्ध इस शहर को अपने कारनामों से बदनाम कर रहे हैं। इसलिए आईआईटी हो या कोई मल्टीनेशनल कंपनी, जो भी दोषी है, उसकी पूरी जांच होनी चाहिए और उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए। अगर इसमें कोई विदेशी लिंक पाया जाता है, तो उसकी भी गहन जांच की जाए।
अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर में पाकिस्तान के रोल पर आनंद दुबे ने तंज कसते हुए कहा कि पाकिस्तान तो हमेशा भीख का कटोरा लेकर घूमता रहता है। भगवान ही जानें, इसे नोबेल पुरस्कार कौन देगा। हमारा मानना है कि यह युद्ध अब रुकना चाहिए, क्योंकि युद्ध किसी समस्या का अंतिम समाधान नहीं होता। समाधान तो केवल शांति है और अंत अहिंसा है। सीजफायर में पाकिस्तान का कोई रोल नहीं है। पाकिस्तान या शहबाज शरीफ व डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से कुछ नहीं होने वाला। इस साल पाकिस्तान को ‘भिखारी पुरस्कार’ जरूर मिलना चाहिए। पूरी दुनिया से भीख मांगने के लिए उन्हें एक कटोरा दिया जाना चाहिए, जिसमें हर कोई कुछ डॉलर डाले।
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं। इसी बीच हुमायूं कबीर का एक वीडियो लीक हुआ है, जिसमें मुसलमानों को धोखा देने की बात कही गई है। मुझे नहीं पता इस वीडियो में क्या सच है और क्या झूठ।
महिला आरक्षण बिल पर दुबे ने कहा कि हम लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि महिला आरक्षण बिल को पूरी ताकत से लागू किया जाए। बहस करना और कानून बनाना एक बात है, लेकिन इसे लागू भी करना जरूरी है। इस देश की आधी आबादी को उनका न्याय और अधिकार मिलना चाहिए। हमारी पार्टी, विपक्ष और सरकार सभी इसकी मांग कर रहे हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि 2029 में आरक्षण के बाद नई सीटें जोड़ी जाएंगी और लोकसभा में 800 सीटें हो सकती हैं। सभी दलों ने महिला आरक्षण का स्वागत किया है। उन्होंने अपील की कि इस मुद्दे पर एक अच्छी, जोरदार बहस और चर्चा होनी चाहिए तथा सभी दलों को एक आवाज में महिला आरक्षण के लिए खड़ा होना चाहिए।

