‘पाल्टानो दोरकार, चाइ भाजपा सोरकार’: बंगाल में शुरू होगी ‘परिवर्तन यात्रा’, 230 विधानसभाओं को करेगी कवर

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कोलकाता, 28 फरवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के हर घर तक परिवर्तन का संकल्प पहुंचाने के उद्देश्य से भाजपा की ऐतिहासिक ‘परिवर्तन यात्रा’ शुरू होगी। यह यात्रा राज्य के 9 संभागों से शुरू होकर 230 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी। इस यात्रा में भाजपा भ्रष्टाचार, अराजकता और बेरोजगारी के मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाने की कोशिश करेगी।

सिलीगुड़ी से यात्रा की शुरुआत होगी, जो कूच बिहार से होते हुए अलीपुरद्वार जलपाईगुड़ी, सिलीगुड़ी, दार्जिलिंग क्षेत्र को कवर करेगी। इसके बाद नवद्वीप, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हावड़ा-हुगली, मेदिनीपुर, पुरुलिया और बर्धमान के क्षेत्रों में भाजपा यात्रा निकालेगी। सभी 9 संभागों में भाजपा की परिवर्तन यात्रा की शुरुआत एक साथ की जाएगी।

एक और दो मार्च को अलग-अलग संभागों में जनसभाएं आयोजित की जाएंगी, जो भाजपा की परिवर्तन यात्रा की शुरुआत होगी। पार्टी ने बताया कि मुख्य यात्रा कार्यक्रम 5 मार्च से 10 मार्च तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन औसतन 100 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी।

प्रत्येक यात्रा में एक मुख्य झांकी, आठ प्रचार झांकियां और एक बड़ी बाइक रैली शामिल होगी। पार्टी ने लगभग 5,000 किलोमीटर की दूरी तय कर 1 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

यात्रा के दौरान प्रतिदिन औसतन 10 स्वागत सभाएं और एक बड़ी जनसभा आयोजित की जाएगी। कुल मिलाकर 64 बड़ी जनसभाएं और 280 से अधिक छोटी स्वागत सभाएं प्रस्तावित हैं। कार्यक्रम जिला-दर-जिला आगे बढ़ेगा, जिसमें राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के भाजपा नेता भाग लेंगे।

पार्टी का कहना है कि राजनीतिक संदेश के साथ-साथ पश्चिम बंगाल की समृद्ध लोक संस्कृति और विरासत की झलक भी प्रस्तुत की जाएगी, जिससे यात्रा को उत्सव का स्वरूप दिया जाएगा। भाजपा ने यह भी कहा कि राज्य को भ्रष्टाचार, अराजकता और बेरोजगारी से मुक्त करने के लिए यह यात्रा बंगाल के आम लोगों के विरोध का जोरदार नारा होगी।

भाजपा का आरोप है कि राज्य की अर्थव्यवस्था 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के कर्ज के बोझ तले दब चुकी है, जिससे राज्य आर्थिक बर्बादी की ओर बढ़ रहा है। राज्य को बड़े पैमाने पर लूटपाट, जबरदस्ती वसूली और सिंडिकेट सिस्टम की मजबूत पकड़ से खोखला किया जा रहा है।

‘परिवर्तन यात्रा’ निकालने का कारण बताते हुए भाजपा ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर पार्टी ने चुनाव बाद हिंसा, हत्या और विस्थापन के मामलों को उठाया है। महिला सुरक्षा को लेकर भी आर.जी. कर और संदेशखाली जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।