खड़गपुर, 23 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सत्तारूढ़ टीएमसी और विपक्ष के नेताओं के बीच बयानबाजी का दौर चल रहा है। भारतीय जनता पार्टी के नेता ममता बनर्जी सरकार की कमियां बताकर इस बार बदलाव का दावा कर रहे हैं।
खड़गपुर से भाजपा प्रत्याशी व पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने आईएएनस से बातचीत में कहा, “इस बार लड़ाई भाजपा और टीएमसी के बीच है। लोग भी बदलाव चाहते हैं और उन्हें विश्वास है कि भाजपा बदलाव ला सकती है और जीत सकती है।”
दिलीप घोष ने कहा, “इस बार ममता बनर्जी की पार्टी आसानी से जीत नहीं पाएगी। इसलिए कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करना पड़ रहा है। अब तक टीएमसी के कार्यकर्ता उपद्रव करते थे लेकिन इस बार बैकफुट पर हैं। हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और चुनाव आयोग इस पर नजर रखेगा। ममता बनर्जी सीसीटीवी क्यों लगवा रही हैं? क्योंकि पार्टी के भीतर फूट और साजिशें चल रही हैं।”
उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी पीएम मोदी को बाहरी कह रही हैं जबकि युसूफ पठान गुजरात से यहां आकर चुनाव लड़ते हैं। शत्रुघ्न सिन्हा बिहार से आ सकते हैं लेकिन वे ‘घुसपैठिया’ नहीं हैं। रोहिंग्या की तरह बांग्लादेश से आने वाले भी ‘घुसपैठिया’ नहीं हैं।”
गौरतलब है कि दिलीप घोष लगातार ममता बनर्जी और उनके सरकार के खिलाफ हमलावर हैं। टीएमसी सरकार और उनके नेताओं को लेकर बयानबाजी करते रहते हैं। इसी को लेकर 17 मार्च को टीएमसी ने दिलीप घोष के खिलाफ निर्वाचन आयोग से शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि दिलीप घोष टीएमसी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ सार्वजनिक रूप से हिंसा की धमकी देकर और कालीघाट और चेतला क्षेत्रों की आम जनता को धमकाकर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है। इन बयानों की वीडियो रिकॉर्डिंग और खबरें पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय नियंत्रण अधिनियम (एमसीसी) लागू होने के बाद भी विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रही हैं।

