नई दिल्ली, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने राजधानी में पशु कल्याण व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। सभी 13 राजस्व जिलों में सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (एसपीसीए) का गठन करने का निर्णय लिया है, जिसकी कमान अब संबंधित जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) के हाथ में होगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि राजस्व जिलों के हालिया पुनर्गठन के बाद यह कदम उठाया गया है ताकि पशु संरक्षण से जुड़े कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन जिला स्तर पर सुनिश्चित किया जा सके। ये सभी एसपीसीए समितियां पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत कार्य करेंगी और इनमें पशु कल्याण के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों व अन्य सदस्यों को शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में काम करने वाली ये समितियां पशुओं के प्रति क्रूरता के मामलों में तेजी से कार्रवाई, बेहतर निगरानी और समन्वय सुनिश्चित करेंगी, जिससे जमीनी स्तर पर व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी।
उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर गठित एनिमल वेलफेयर बोर्ड इस पूरी व्यवस्था का शीर्ष निकाय होगा। यह बोर्ड कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करेगा और जिला स्तर पर कार्यरत एसपीसीए को तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करेगा, जिससे उनकी क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब अलग से संचालित दिल्ली सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (डीएसपीसीए) को बंद कर दिया जाएगा। इस कदम से व्यवस्था अधिक स्पष्ट, सुव्यवस्थित और प्रभावी बनेगी।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार पशुओं के संरक्षण और कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य स्तरीय एनिमल वेलफेयर बोर्ड और जिला एसपीसीए का यह संयुक्त ढांचा न केवल संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि राजधानी में पशु कल्याण के परिणामों में भी ठोस सुधार सुनिश्चित करेगा। पशुओं का संरक्षण एक संवेदनशील और जिम्मेदार समाज की पहचान है।
उन्होंने विश्वास जताया कि ये कदम दिल्ली को अधिक मानवीय और उत्तरदायी समाज बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


