सिद्धार्थनगर, 14 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के सांसद जगदंबिका पाल ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर देश में भ्रम और दहशत फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष होने के बावजूद राहुल गांधी संसद व जनता के बीच ऐसे मुद्दे उठा रहे हैं, जिनसे लोगों में अनावश्यक घबराहट पैदा हो रही है, जबकि सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की वजह से घरेलू गैस सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी को बढ़ावा मिल रहा है।
जगदंबिका पाल ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी ने संसद में गैस की कमी का सवाल उठाया जबकि पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सदन के माध्यम से देश की जनता को आश्वस्त किया है कि तेल, पेट्रोल और गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी तरह की कमी की स्थिति नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद कांग्रेस के सांसद सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलने नहीं दे रहे हैं और संसद भवन के गेट पर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे अनावश्यक राजनीतिक माहौल बनाया जा रहा है।
भाजपा सांसद ने कहा कि विपक्ष का यह रवैया देश के लोगों में पैनिक पैदा करने की कोशिश है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से केवल भारत के लिए निर्यात किए जाने वाले कच्चे तेल के जहाजों को गुजरने की अनुमति दी है और पिछले दो दिनों में ऐसे दो जहाज भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच भी चुके हैं। उनके अनुसार इस स्थिति में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति को लेकर किसी प्रकार की चिंता की आवश्यकता नहीं है और भविष्य में भी देश में तेल, पेट्रोल या गैस की कमी नहीं होने वाली है।
उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के बयान और विरोध-प्रदर्शन के कारण कुछ स्थानों पर जमाखोरी और कालाबाजारी की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिल सकता है, जो कि पूरी तरह गैरजिम्मेदाराना रवैया है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी जनता के हितों के बजाय राजनीतिक लाभ के लिए माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी के अनुरूप आचरण करना चाहिए। पाल ने आरोप लगाया कि जब भी संसद की कार्यवाही चलती है, राहुल गांधी अक्सर सदन में मौजूद नहीं रहते। इस तरह का रवैया देश के सबसे बड़े लोकतांत्रिक मंच के प्रति गैरजिम्मेदारी को दर्शाता है और इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित होती है।

