पीएम मोदी ने ‘आर्थिक सर्वेक्षण’ को भारत के रिफॉर्म की गति की व्यापक तस्वीर बताया

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नई दिल्ली, 29 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पेश किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण को भारत के रिफॉर्म की गति की एक व्यापक तस्वीर बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि आज प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण भारत के रिफॉर्म की गति का एक व्यापक चित्र प्रस्तुत करता है, जो चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिवेश में निरंतर प्रगति को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि यह मजबूत व्यापक आर्थिक आधारभूत सिद्धांतों, निरंतर विकास गति और राष्ट्र निर्माण में नवाचार, उद्यमिता और अवसंरचना की बढ़ती भूमिका को उजागर करता है। सर्वेक्षण समावेशी विकास के महत्व पर बल देता है, जिसमें किसानों, लघु एवं मध्यम उद्यमों, युवा रोजगार और सामाजिक कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह विनिर्माण को मजबूत करने, उत्पादकता बढ़ाने और विकसित भारत बनने की दिशा में हमारी प्रगति को गति देने के लिए एक रोडमैप भी प्रस्तुत करता है।

उन्होंने कहा कि इससे प्राप्त अंतर्दृष्टि सूचित नीति निर्माण में मार्गदर्शन करेगी और भारत के आर्थिक भविष्य में विश्वास को मजबूत करेगी।

इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के समय में भारत दुनिया के लिए ब्राइट स्पॉट है और स्थिरता के साथ मजबूती से आगे बढ़ रहा है।

वित्त मंत्री सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर आर्थिक सर्वेक्षण के बारे में की गई पोस्ट में कहा, “वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूत गति बनाए रखी है और प्रथम अग्रिम अनुमानों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह प्रदर्शन लगातार चौथे वर्ष भारत को सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करता है।”

उन्होंने पोस्ट में आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, हमारे व्यापक आर्थिक आधार पहले से कहीं अधिक मजबूत हैं। हमने वैश्विक चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करते हुए भारत को उच्च विकास पथ पर अग्रसर किया है और जीडीपी वृद्धि दर को 7 प्रतिशत तक ले गए हैं।

वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार विकास से समझौता किए बिना राजकोषीय समेकन के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रही है। वित्त वर्ष 26 के लिए हमारा राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 4.4 प्रतिशत है।