‘पूरे हिन्दुस्तान में ऐसा आयोजन पहली बार देखा’, महादंगल में शामिल हुए पहलवानों ने की अनंत सिंह की तारीफ

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पटना, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार के नदवां गांव में शुक्रवार को मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत कुमार सिंह ने अंतरराष्ट्रीय महादंगल का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का आयोजन विवेका पहलवान की पहली पुण्यतिथि के मौके पर किया गया। महादंगल में विजयी रहने वाले पहलवानों ने बताया कि इस तरह का आयोजन उन्होंने बिहार और पूरे हिन्दुस्तान में ही पहली बार देखा है।

उत्तर प्रदेश के बागवत से बिहार में दंगल लड़ने पहुंचे शाकिर नूर पहलवान विजयी रहे। जीत के बाद उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि वह विधायक अनंत सिंह का नाम सुनकर ही यहां पर दंगल खेलने आए थे। राजस्थान के पहलवान को चित करने के बाद उन्होंने बताया कि वह पिछले 10 सालों से दंगल लड़ रहे हैं और उन्होंने सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे हिन्दुस्तान में पहली बार इस तरह का कुश्ती आयोजन देखा है। पहलवान ने बताया कि खिलाड़ियों के लिए रहने और खाने की शानदार व्यवस्था थी। उन्होंने कहा कि सिर्फ पहलवानों के लिए ही नहीं, बल्कि यहां कुश्ती का दंगल देखने पहुंचे सभी दर्शकों के लिए भी विधायक अनंत सिंह की तरफ से खाने-पीने की शानदार व्यवस्था थी।

मथुरा के रहने वाले पहलवान ललित ने बनारस के पहलवान अर्जुन को चारों खाने चित करते हुए जीत दर्ज की। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में हर तरह की व्यवस्था का खास ख्याल रखा गया। इस अंतरराष्ट्रीय महादंगल में भारत के अलावा ईरान और जॉर्जिया के पहलवानों ने भी हिस्सा लिया। इस महादंगल को देखने के लिए भारी तादाद में दर्शक मैदान पर पहुंचे। महादंगल का लुत्फ उठाने पहुंचे गुलशन कुमार ने बताया कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी में पहली बार कुश्ती महादंगल का आयोजन देखा है, जिसमें विदेशी खिलाड़ी भी हिस्सा लेने पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि इस तरह के आयोजन से प्रोत्साहित होकर नौजावन भी कुश्ती के खेल में उतरने और निपुण होने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे।

वहीं, एक अन्य दर्शक मुकेश कुमार ने कहा कि विधायक अनंत सिंह के कारण उन्हें पहली बार विदेशी पहलवानों को भी कुश्ती लड़ते हुए देखने का मौका मिला। उन्होंने बताया कि यहां पहलवानों के साथ-साथ आम जनता के खाने-पीने की भी पूरी व्यवस्था की गई है। कुश्ती के दंगल को देखने पहुंचे विवेक कुमार ने इस आयोजन को यादगार बताया। उन्होंने कहा कि इस महादंगल का जिक्र वर्षों तक किया जाएगा।