नई दिल्ली, 25 मार्च (आईएएनएस)। चैत्र नवरात्रि के सप्तम दिवस पर मां दुर्गा के मां कालरात्रि के स्वरूप की पूजा की जा रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मां कालरात्रि से देशवासियों के लिए विशेष कामना की है। उन्होंने बुधवार को एक संस्कृत सुभाषित शेयर किया और कहा कि मां कालरात्रि के आशीष से सबका जीवन साहस, संकल्प और सफलता से समृद्ध हो।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “मां कालरात्रि को नमन। उनके आशीष से सबका जीवन साहस, संकल्प और सफलता से समृद्ध हो, यही कामना है।”
प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत श्लोक साझा किया, “वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा। वर्धन्मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥”
संस्कृत सुभाषित में कहा गया है, “जिनके बाएं पैर में लोहे की कांटों जैसी लता शोभा पा रही है, जो अपने सिर पर गौरवशाली ध्वजा धारण किए हुए हैं, श्याम वर्ण वाली, काल का नाश करने वाली और अत्यंत भयंकर रूप धारण करने वाली हे मां कालरात्रि! आपको नमस्कार है।”
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करके चैत्र नवरात्रि के सप्तम दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि मां कालरात्रि सभी के जीवन से भय और अज्ञान का नाश कर साहस और सुरक्षा का आशीर्वाद प्रदान करें।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “पावन चैत्र नवरात्र के सप्तम दिवस पर, आदिशक्ति मां दुर्गा के सप्तम स्वरूप मां कालरात्रि के चरणों में प्रणाम और यही प्रार्थना कि हे मैया अपने भक्तों पर सर्वदा कृपा दृष्टि बनाए रखिए। सबके जीवन से दुख मिटे, खुशहाली आए। हर घर में सुख, समृद्धि और आनंद की वर्षा हो, यही कामना करता हूं।”
उत्तराखंड के सीएम योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर लिखा, “आदिशक्ति मां दुर्गा की सप्तम स्वरूपा, मां कालरात्रि, दुष्टों का संहार करने वाली और भक्तों को शुभ फल प्रदान करने वाली हैं। मां भगवती से प्रार्थना है कि उनके आशीर्वाद से समस्त जगत में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो।”
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिखा, “चैत्र नवरात्रि के सप्तम दिवस पर मां कालरात्रि की आराधना के पावन अवसर पर आप समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। मां कालरात्रि भय, अज्ञान और अंधकार का नाश कर आपके जीवन में ज्ञान, विवेक, साहस और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करें, यही मंगलकामना है।”

