प्रद्युत बोरदोलोई का पार्टी छोड़ना कांग्रेस के लिए अच्छा संदेश नहीं है : दिलीप सैकिया

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नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। कांग्रेस के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से किनारा कर भाजपा में शामिल हो गए हैं। असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को जोरदार झटका लगा है। प्रद्युत बोरदोलोई के इस फैसले से पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हो गया है।

प्रद्युत बोरदोलोई के भाजपा में शामिल होने पर असम भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने कहा कि यह कांग्रेस के लिए अच्छा संदेश नहीं है। कांग्रेस पार्टी में न तो नीति है और न ही कार्यकर्ताओं की बातों को सुना जाता है।

नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान असम भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने कहा कि प्रद्युत बोरदोलोई का भाजपा में शामिल होना एक बहुत ही अहम संदेश है। वह कांग्रेस के एक बेहतरीन नेता थे, दो बार सांसद रह चुके हैं, असम के पूर्व मंत्री हैं, और कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता थे। ऐसे नेता का कांग्रेस में न रह पाना एक बहुत ही मजबूत संदेश देता है। यह कांग्रेस के लिए सही नहीं है।

असम विधानसभा चुनाव में प्रद्युत बोरदोलोई के चुनाव लड़ने पर दिलीप सैकिया ने कहा कि वे कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए हैं। शीर्ष नेतृत्व तय करेगा कि वे चुनाव लड़ेंगे या नहीं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस में स्वाभिमान वाले नेता अब रहने वाले नहीं हैं। इसीलिए एक-एक करके आगे भी भाजपा में कांग्रेसी नेता शामिल होंगे। कांग्रेस की हालत खराब हो चुकी है। इनके पास उपाय करने के लिए कुछ नहीं है। वोट बैंक की राजनीति और तुष्टीकरण की राजनीति करना ही उनका एजेंडा है। जनता चुनाव में कांग्रेस को जवाब देगी। असम में आशीर्वाद यात्रा सफल रही है।

भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई ने कहा कि पूरे देश में कांग्रेस कमजोर पड़ती जा रही है। हम यह न केवल कर्नाटक में, बल्कि असम और अन्य जगहों पर भी देख रहे हैं। कर्नाटक में स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है।

दूसरी तरफ कांग्रेस के राज्यसभा सांसद नसीर हुसैन ने इस घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पूरे देश में यही स्थिति बनी हुई है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, आप देख सकते हैं कि कांग्रेस के नेताओं, क्षेत्रीय पार्टियों के नेताओं और अन्य पार्टियों के नेताओं को ले जाया जा रहा है।