जम्मू, 17 मार्च (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है।
जम्मू में पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि संसद की सीढ़ियों पर धरने पर बैठकर चाय-बिस्किट पिए गए और नारेबाजी की गई। यह संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। राहुल गांधी और उनके साथियों ने संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है और अंत में मजबूर होकर हमें चिट्ठी लिखनी पड़ी।
उन्होंने कहा कि स्पीकर ओम बिरला ने सभी से अपील की है कि सांसद सदन की गरिमा बनाए रखें, इसके बावजूद ऐसी घटनाएं हुईं। देश में इसे लेकर आक्रोश है। विभिन्न सेवाओं से जुड़े पूर्व अधिकारियों ने इस विषय पर पत्र लिखकर कहा कि राहुल गांधी को अपनी जिम्मेदारी का अहसास होना चाहिए और अपने व्यवहार के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।
पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि राहुल गांधी के व्यवहार में गंभीरता की कमी दिखाई देती है। उन्हें यह समझना चाहिए कि वे कितने महत्वपूर्ण पद पर हैं। जब वे बोलते हैं तो लोग उन्हें सुनना चाहते हैं, लेकिन हर बार लोगों को निराशा हाथ लगती है। वे मुद्दों को प्रभावी ढंग से नहीं उठा पाते, न ही सरकार को घेर पाते हैं, बल्कि इधर-उधर की बातें करते हैं। इसी कारण वे कई बार हंसी के पात्र बन जाते हैं। उन्हें यह अहसास होना चाहिए कि नेता प्रतिपक्ष (एलओपी) का पद कितना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, “हमारे टैक्स के पैसे से संसद चलती है, इसलिए हर मिनट का सदुपयोग होना चाहिए। देश के सभी ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन ऐसा देखने को नहीं मिलता है।”
मिडिल ईस्ट संघर्ष को लेकर पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि भारत ने कोई युद्ध शुरू नहीं किया है, लेकिन ऐसे समय में जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री ने इस मामले में दो जहाजों को सुरक्षित निकाला, वह बड़ी उपलब्धि है। चीन के बाद केवल भारत के जहाजों को ही रास्ता दिया गया। भारत सरकार ऐसी आपदा में भी निरंतर अपनी भूमिका निभा रही है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को इस आपदा के समय सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहिए और यह सोचना चाहिए कि वे क्या योगदान दे सकते हैं। इसके बजाय वे एलपीजी संकट को लेकर अनावश्यक घबराहट फैला रहे हैं। यह भारत की अपनी आपदा नहीं है, बल्कि एक वैश्विक स्थिति है, जिससे निकलना हमारी कुशलता पर निर्भर करेगा।
पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान पर की गई एयर स्ट्राइक पर उन्होंने कहा कि यह बेहद निंदनीय है। पाकिस्तान, खासकर वहां के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर, जिस तरह की कार्रवाई कर रहे हैं, उसमें 400 से अधिक लोगों की मौत और 250 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। भारत सरकार ने इसकी निंदा की है और पूरा देश इस समय अफगानिस्तान के साथ खड़ा है। पाकिस्तान का यह घमंड उसे भारी पड़ेगा। अगर असीम मुनीर इसी तरह चलते रहे तो पाकिस्तान के हालात और बिगड़ सकते हैं।
संघ को लेकर एक रिपोर्ट पर कांग्रेसी नेताओं के समर्थन पर पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि संघ पर प्रतिबंध लगाने की बात उचित नहीं है। संघ देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देता है, परिवार और समाज को जोड़ने का काम करता है। कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है और वही भाषा बोल रही है जो पाकिस्तान बोलता है।
इस्लामोफोबिया के मुद्दे पर पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में भी इस विषय पर पाकिस्तान की आलोचना की गई है। भारत सरकार का रुख बिल्कुल सही है।

