राहुल गांधी को राष्ट्रगीत का सम्मान करना चाहिए: कृष्णा हेगड़े

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मुंबई, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। शिवसेना नेता कृष्णा हेगड़े ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वे राष्ट्रगीतों का सम्मान नहीं करते हैं, जबकि वे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं और उन्हें राष्ट्रगीतों का सम्मान करना चाहिए।

मुंबई में आईएएनएस से बातचीत में शिवसेना नेता कृष्णा हेगड़े ने कहा कि वंदे मातरम भारत का राष्ट्रीय गीत है। यह गीत हमें कई दशकों से प्रेरणा दे रहा है। इस गीत को सभी को गाना चाहिए। राहुल गांधी नेता विपक्ष हैं, उनकी यह जिम्मेदारी है कि राष्ट्रीय गीत को सम्मान करे। लेकिन, जिस तरह से उन्होंने वंदे मातरम का अपमान किया है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने एक वीडियो का जिक्र किया कि कैसे राहुल गांधी मंच पर बैठे थे, और दूसरी तरफ वंदे मातरम गीत चल रहा था। राहुल गांधी के इस बर्ताव का शिवसेना पूरी तरह से खंडन करती है।

शिवसेना नेता ने कहा कि राहुल गांधी की आदत है कि वे हमेशा भारत के खिलाफ ही बोलते हैं। वह भारत में रहे या फिर विदेशी दौरे पर जाए, उनके मन में जो रहता है, वह जगजाहिर कर देते हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी हम लोगों ने देखा कि कैसे वे भारत की नीतियों के खिलाफ बोल रहे थे।

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच ईरान का जिक्र करते हुए शिवसेना नेता ने कहा कि भारत 5-6 साल बाद फिर से ईरान से तेल आयात कर रहा है। इससे पहले, अमेरिका ने एक प्रतिबंध लगाया था कि भारत ईरान से कोई भी तेल आयात नहीं कर सकता। जहां भारत के कच्चे तेल के जहाज़ फंसे हुए थे, ईरान के राष्ट्रपति से बात कर हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन जहाज़ों को ईरान से वापस बुला लिया। वह जहाज़ भी भारत के लिए रवाना हो गया। और अब, जो नया ऑर्डर या नया व्यापार हम ईरान के साथ करने जा रहे हैं, उसके तहत भारत ईरान से लाखों टन कच्चा तेल आयात कर रहा है।

उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति का ही नतीजा है कि भारत को अभी भी ईरान से तेल मिल रहा है, रूस से तेल मिल रहा है, और पूरी दुनिया भारत के साथ काम करने के लिए तैयार है।

बंगाल चुनाव के बीच वोटर लिस्ट का जिक्र करते हुए शिवसेना नेता ने कहा कि चुनाव आयोग ने बहुत अच्छा काम किया है, जो अवैध वोटर थे उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। बांग्लादेशी घुसपैठियों का नाम कटना बेहद जरूरी था। हालांकि, जिनके नाम कटे हैं, उन्हें आपत्ति है तो दस्तावेज के साथ आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

नक्सलवाद का जिक्र करते हुए कहा कि 31 मार्च को काफी नक्सलियों ने समर्पण किया और अपना हथियार गिरा दिया। सरकार का नक्सली मुक्त भारत बनाने का सपना पूरा होने जा रहा है।