पटना, 15 मार्च (आईएएनएस)। बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए 16 मार्च को होने वाले मतदान को लेकर दोनों गठबंधनों में मंथन का दौर जारी रहा। इस बीच, एनडीए के विधायकों और नेताओं की लगातार बैठकें चल रही हैं।
इधर, जदयू के वरिष्ठ नेता और बिहार के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने रविवार को दावा किया है कि एनडीए के सभी पांच प्रत्याशियों की जीत तय है। बिहार के मंत्री चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “एनडीए को कोई संदेह नहीं है। एनडीए के सभी घटक दल के नेता कह रहे हैं कि सभी सीटों पर हमारी जीत पक्की है। जब तक चुनाव होना है तब तक मतदाता (विधायक) एक दूसरे से मिलते-जुलते हैं। चुनाव तक रहना सबको पटना में है और कोई दूसरा काम नहीं है। इससे वोट के गणित पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष के नेता भी इसे समझ गए हैं कि इस चुनाव में उनकी दाल नहीं गलने वाली है। वे सब समझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष में हड़कंप मचा हुआ है। हमारे विधायक शहर घूम रहे हैं और किसी दल के विधायक नजरबंद हैं। इससे समझ सकते हैं कि जीत किधर है और हार किसकी है।
उन्होंने दावा करते हुए कहा कि हमारे पास वोट की कोई कमी नहीं है। एआईएमआईएम के विधायकों को राजद के प्रत्याशी को वोट देने की खबर पर उन्होंने कहा कि मिलना और वोट देने में अंतर है। कहीं वोट देने को लेकर बयान नहीं है। सभी लोग मिलते रहते हैं।
दरअसल, बिहार से राज्यसभा की पांच सीटें इस बार खाली हो रही हैं और इन सीटों पर चुनाव होने जा रहा है। एनडीए ने राज्यसभा चुनाव में पांच जबकि राजद ने एक प्रत्याशी उतारे हैं। 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 41 विधायकों का समर्थन चाहिए। अभी एनडीए के पास कुल 202 विधायक हैं।
इसके आधार पर, एनडीए आसानी से चार सीटें जीत सकता है। चार सीटें जीतने के बाद भी उसके पास कुछ वोट बचे हैं, लेकिन पांचवीं सीट जीतने के लिए उसे अन्य विधायकों की जरूरत पड़ेगी। विपक्ष राजद के नेतृत्व वाला महागठबंधन है। महागठबंधन के पास कुल 35 विधायक हैं। इसे एक सीट पर जीत दर्ज करने के लिए अन्य विधायकों की जरूरत पड़ेगी। यही वजह है कि इस चुनाव को लेकर राजनीतिक गणित और जोड़-तोड़ की चर्चा तेज हो गई है।
–आईएएनएस
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