मुंबई, 2 मार्च (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में एक राज्यसभा सीट को लेकर महा विकास आघाड़ी के बीच टकराव देखने को मिल रहा है। एनसीपी का कहना है कि शरद पवार वरिष्ठ नेता हैं, उन्हें राज्यसभा भेजा जाना चाहिए, तो वहीं शिवसेना ने भी इस सीट से समझौता करने से इनकार किया है। अब इस पर शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे की प्रतिक्रिया सामने आई है।
आदित्य ठाकरे का कहना है कि राज्यसभा को लेकर बातचीत में कोई गतिरोध नहीं है। सभी पार्टियां आपस में संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि पहले से तय नीति के अनुसार, इस सीट के लिए शिवसेना (यूबीटी) को लड़ना चाहिए।
आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि राज्यसभा सीट पर हमने अपना दावा पेश किया है, क्योंकि संख्या बल और महा विकास आघाड़ी की तय रोटेशन नीति के अनुसार यह सीट शिवसेना (यूबीटी) को लड़नी चाहिए। यह फैसला उन सभी राजनीतिक रुख के अनुरूप है, जो हमने इंडिया गठबंधन के तहत अपनाए हैं।
इससे पहले शिवसेना (यूबीटी) विधायक वरुण सरदेसाई ने कहा था कि राज्यसभा की यह सीट सही मायने में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले समूह की है। हम किसी भी कीमत पर राज्यसभा सीट पर अपना दावा नहीं छोड़ेंगे। हमारे विधायकों ने पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे को पहले ही अपनी राय बता दी है।
उनका कहना था कि 2020 में हमने एनसीपी-एसपी उम्मीदवार फौजिया खान का समर्थन किया था। अब मौजूदा विधायकों की संख्या के आधार पर हमारी संख्या अधिक है। अगर हमारे सांसद अपना कार्यकाल पूरा कर रहे हैं, तो इस सीट के लिए उम्मीदवार हमारी पार्टी से ही होना चाहिए।
शिवसेना नेता का यह बयान एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले के उस बयान के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था, “हर किसी की यही इच्छा है कि पवार साहब राज्यसभा के लिए फिर से चुने जाएं। भारी समर्थन लोगों के उनके प्रति सम्मान और स्नेह को दर्शाता है।”
महाराष्ट्र में राज्यसभा की सात सीटों के लिए चुनाव 16 मार्च को होंगे। विधानसभा में संख्या बल के अनुसार भाजपा द्वारा चार सदस्यों को नामित किए जाने की संभावना है, जबकि एमवीए और एनसीपी द्वारा एक-एक सदस्य को नामित किए जाने की संभावना है। शेष एक उम्मीदवार को विपक्षी कांग्रेस, एनसीपी (एसपी) या शिवसेना (यूबीटी) द्वारा नामित किया जाना है।

