रांची, 12 फरवरी (आईएएनएस)। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रांची स्थित ऑड्रे हाउस में पर्यावरण और जनजातीय ज्ञान परंपरा विषय पर ट्रैवलिंग फिल्म फेस्टिवल का उद्घाटन किया। इस फेस्टिवल का आयोजन सीएमएस वातावरण नामक संस्था की ओर से किया जा रहा है।
राज्यपाल ने इस मौके पर कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देना समय की मांग है। फिल्में इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। राज्यपाल ने कहा कि अपनी परंपराओं और मूल्यों से जुड़े रहते हुए ही पृथ्वी के भविष्य को सुरक्षित रखा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज को दिशा देने का प्रभावशाली साधन भी है। जब पर्यावरण जैसे गंभीर विषयों को संवेदनशीलता और सृजनात्मकता के साथ प्रस्तुत किया जाता है, तो यह लोगों के मन पर गहरा और स्थायी प्रभाव छोड़ता है।
झारखंड की जनजातीय परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां की जीवन-पद्धति प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है। जैव-विविधता के संरक्षण की भावना राज्य की सांस्कृतिक विरासत में रची-बसी है। राज्यपाल ने कहा कि परंपरागत ज्ञान प्रणालियों का संरक्षण और व्यवस्थित लेखा-जोखा आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उससे सीख ले सकें।
राज्यपाल ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों और वनों से समृद्ध राज्य है। राज्य का बड़ा भाग वनाच्छादित है, जो पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही खनिज संपदा राज्य की अर्थव्यवस्था का एक आधार है। ऐसे में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि स्थायी विकास की अवधारणा इसी संतुलन पर आधारित है।
उन्होंने नागरिकों से पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया और कहा कि “एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य” का भाव हमें प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाता है।
राज्यपाल ने युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी संस्थानों और प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह समारोह पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में प्रभावी भूमिका निभाएगा।

