होशियारपुर, 29 जनवरी (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को पंजाब के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुंदर शाम अरोड़ा के आवास पर छापेमारी की। ईडी की इस कार्रवाई से पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई। कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया, जिस पर भाजपा नेता तिक्शन सूद ने तल्ख टिप्पणी की।
भाजपा नेता तिक्शन सूद ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि भाजपा का रुख साफ है कि जो भी भ्रष्टाचार करेगा, उसे अंजाम भुगतना होगा। अगर कांग्रेस नेता कह रहे हैं कि यह राजनीतिक है, तो विजिलेंस द्वारा दर्ज किया गया मामला अभी भी चल रहा है।
भाजपा नेता ने सवाल करते हुए आगे कहा कि अगर सब कुछ पूरी तरह से साफ और सच्चा था और कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ था, तो विजिलेंस को 50 लाख रुपए देने की जरूरत क्यों पड़ती?
बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को की गई कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन तथा औद्योगिक प्लॉट के ट्रांसफर से जुड़े मामलों की जांच के क्रम में अंजाम दी। सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीम ने जालंधर और उसके आसपास के इलाकों में संपत्ति संबंधी दस्तावेज, बैंक खातों, कारोबारी रिकॉर्ड और धन के प्रवाह की गहन छानबीन की।
जांच एजेंसी को शक है कि औद्योगिक जमीन के हस्तांतरण में हुई अनियमितताओं के माध्यम से गैरकानूनी लाभ कमाया गया हो सकता है। गौरतलब है कि इससे पहले मोहाली औद्योगिक प्लॉट आवंटन मामले में भी अरोड़ा का नाम सामने आ चुका था।
बता दें कि कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे अरोड़ा को साल 2022 में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के सहायक महानिरीक्षक (एआईजी) को 50 लाख रुपए की रिश्वत देने के आरोप में शनिवार रात गिरफ्तार कर लिया गया।
जानकारी के अनुसार, आय से अधिक संपत्ति के मामले से नाम निकलवाने के लिए उनकी ओर से रिश्वत के रूप में एक करोड़ रुपए की पेशकश की गई थी। इसी रकम की पहली किस्त के रूप में वह 50 लाख लेकर पहुंचे थे, तभी विजिलेंस ने उन्हें दबोच लिया था।

