रोहित पवार के आरोपों पर मंगल प्रभात लोढ़ा का पलटवार, बोले-बिना तथ्य कुछ कहना गलत

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मुंबई, 18 फरवरी (आईएएनएस)। बारामती प्लेन हादसे में एनसीपी नेता अजित पवार की मौत के बाद जांच एक बार फिर सवालों के घेरे में है। अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने आशंका जताई है कि यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि साजिश थी। उनको कुछ लोगों ने मार दिया है।

अजीत पवार की मौत को लेकर उठ रहे सवालों पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा, “रोहित पवार एक जन प्रतिनिधि हैं। उन्होंने शुरू में कोई शंका नहीं जताई थी। उसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने डायरेक्टर ऑफ सेफ्टी को जांच करने के लिए एक लेटर लिखा। यह दुनियाभर में नॉर्म है। जांच शुरू हो गई है, ब्लैक बॉक्स मिल गया है। ट्रांसमिशन समेत सब कुछ मिल गया है। इस मामले में अभी कुछ ज्यादा नहीं कहा जा सकता। बिना तथ्य कुछ कहना गलत है।”

बुधवार को मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित पवार ने दावा किया था कि हादसे वाले दिन बारामती में आवश्यक मानकों से कम दृश्यता होने के बावजूद पायलट कैप्टन सुमित कपूर ने विमान को वापस नहीं मोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि विमान को जानबूझकर उतारते हुए विस्फोट कराया गया।

रोहित पवार ने दावा किया था कि मुंबई से बारामती के सफर के लिए जितने ईंधन की जरूरत थी, उससे कहीं ज्यादा, करीब 3000-3500 लीटर ईंधन विमान में भरा गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि विमान के अंदर भी ईंधन के अतिरिक्त कैन रखे गए थे ताकि टकराते ही विमान एक ‘बम’ की तरह फट जाए।

स्कूल में विद्यार्थियों की पढ़ाई पर मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा, “सिर्फ पढ़ाई से बच्चा अच्छा इंसान और अच्छा नागरिक नहीं बनता। इसके लिए उनकी पर्सनैलिटी डेवलपमेंट भी जरूरी है। पर्सनैलिटी डेवलपमेंट के अंदर सोशल वर्क की भावना होनी चाहिए।”

अनिरुद्धबापू आपदा प्रबंधन अकादमी और महाराष्ट्र स्किल डेवलपमेंट के बीच एमओयू साइन होने पर मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा, “यह एमओयू आज के समय की जरूरत है। एक तरफ तो हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बात करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ जब भी कोई बड़ा हादसा या प्राकृतिक आपदा आती है, तो सरकार को मौके पर पहुंचने में 2 से 6 घंटे लग जाते हैं। इस प्रोसेस में सुनहरे घंटे बर्बाद हो जाते हैं।”