रोज सुबह पीते हैं जीरा पानी, आयुर्वेंद से जाने सेवन करने का सही तरीका

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नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। आज के समय में अच्छी लाइफस्टाइल के लिए लोग अलग-अलग तरह के पानी पर भरोसा करते हैं।

आम लोगों से लेकर बॉलीवुड स्टार्स तक अच्छी सेहत के लिए अलग-अलग तरह के पानी, औषधीय पानी का सहारा लेते हैं, जैसे जीरा पानी, अजवाइन पानी, मेथी पानी और सौंफ पानी। पेट से जुड़े रोगों से निजात पाने के लिए जीरा पानी और अजवाइन पानी पीने की सलाह दी जाती है, लेकिन इसके सेवन की विधि कम ही लोगों को पता है।

पेट की चर्बी कम करने के लिए हर कोई जीरा पानी का सेवन कर रहा है, लेकिन सेवन कब और कितनी मात्रा में करना जरूरी है, जिसके बारे में कोई बात नहीं करता। जीरा पानी सुबह की छोटी सी शुरुआत है, लेकिन अगर सेवन गलत तरीके से करते हैं तो यह सेहत को फायदा देने से ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है। आयुर्वेद के मुताबिक जीरा पानी मंद पाचन अग्नि को तेज करता है, भूख को बढ़ाता है, पाचन को सही करता है, और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। इसलिए जीरा पानी को रसोई की औषधि माना जाता है, लेकिन लोग जल्दी परिणाम हासिल करने के लिए ज्यादा मात्रा में पानी पी लेते हैं, या पूरे दिन धीरे-धीरे जीरा पानी पीते रहते हैं। इससे पानी को पीने के उतने फायदे नहीं मिल पाते हैं, जितने मिलने चाहिए।

पहले जानते हैं कि जीरा पानी बनाने का सही तरीका क्या है। रात के समय जीरा को भिगोकर रख दें और सुबह जीरे के पानी को उबाल लें। उबालने पर पानी के रंग में परिवर्तन आ जाएगा और इसे गुनगुना होने पर ही पीए। सुबह की शुरुआत हमेशा गुनगुने पानी के साथ ही करनी चाहिए। ज्यादा गर्म पानी पेट में कब्ज पैदा कर सकता है और इससे शरीर का तापमान भी असंतुलित होता है।

जीरा पानी का सेवन सुबह खाली पेट ही करना चाहिए। अगर खाली पेट नहीं पी पाते हैं, तो खाने के बाद जीरा पानी का सेवन कर सकते हैं और इसे आराम से घूंट-घूंट कर पिएं। ऐसा करने से पेट में भारीपन महसूस नहीं होगा और पानी के गुण भी पूरी तरीके से मिलेंगे। अगर इस तरीके से रोजाना जीरा पानी का सेवन किया जाए, तो पेट से जुड़ी हर समस्या से निदान मिल जाएगा और गर्मियों में होने वाली पेट की जलन भी शांत होगी।