सारा से केदारनाथ में पूजा करने के लिए हलफनामा मांगना भाजपा की विभाजनकारी नीति : सपा

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लखनऊ, 18 मार्च (आईएएनएस)। सपा विधायक व पार्टी प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने वाराणसी गंगा क्रूज इफ्तार पार्टी के वायरल वीडियो, बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिर जाने के लिए सारा अली खान को ‘शपथ पत्र’ जमा करने की आवश्यकता सहित विभिन्न मुद्दों पर आईएएनएस से बातचीत करते हुए अपनी राय रखी।

अभिनेत्री सारा अली खान से बद्रीनाथ और केदारनाथ में पूजा-अर्चना करने के लिए हलफनामा मांगे जाने पर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कहा, “सारा अली खान ने केदारनाथ पर इतनी शानदार फिल्म बनाई, जिसके माध्यम से जो लोग वहां नहीं जा सके, उन्हें केदारनाथ के गांवों और गलियों के बारे में पता चला। भाजपा द्वारा लागू की जा रही ऐसी विभाजनकारी नीतियां बिल्कुल भी उचित नहीं हैं। इस देश की 140 करोड़ आबादी में से किसी को भी कहीं भी आने-जाने से रोका नहीं जाना चाहिए।”

वाराणसी में नाव पर आयोजित इफ्तार पार्टी के दौरान गंगा नदी में मांसाहारी भोजन फेंकने के आरोप में 14 मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी पर आशुतोष वर्मा ने कहा, “सवाल यह है कि क्या इससे पहले गंगा या नदियों के किनारे इफ्तार पार्टियां आयोजित नहीं की जाती थीं। यह मामला सोशल मीडिया पर आने के बाद ही संज्ञान में लाया जा रहा है। हालांकि, धार्मिक आयोजन के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी चाहिए। बिना अनुमति के ऐसी जगह पर कोई भी ऐसे आयोजन नहीं करना चाहिए।”

ओडिशा में राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग पर बीजेडी द्वारा 6 विधायकों को कारण बताओ नोटिस और कांग्रेस द्वारा 3 विधायकों के निलंबित करने की कार्रवाई को सपा नेता ने सही बताया। उन्होंने कहा कि जब आप पार्टी के टिकट पर विधायक बन जाते हैं, तो राज्यसभा चुनाव में बगावत करना गलत है।

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे द्वारा ‘महिला आरक्षण विधेयक’ पर सर्वदलीय बैठक की मांग को लेकर आशुतोष वर्मा ने कहा, “भाजपा ने महिला आरक्षण विधेयक मुद्दों को भटकाने के लिए लाकर लाई है जबकि जमीनी स्तर पर महिला आरक्षण आज भी लागू नहीं हुआ। समाजवादी पार्टी पहले से महिला आरक्षण और उसमें पिछड़े और दलित वर्ग की महिलाओं को आरक्षण देने की मांग करती आ रही है।

इस मामले में भारत की सभी राजनीतिक पार्टियों को लेकर एक कमेटी बनाई जाए। कमेटी के सुझाव पर चर्चा हो और लोकसभा और राज्यसभा में भी इस पर चर्चा करने के बाद महिला आरक्षण विधेयक लागू किया जाए।

पूर्व नौकरशाहों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं सहित 204 सेवानिवृत्त अधिकारियों ने 12 मार्च को संसद परिसर में राहुल गांधी के आचरण पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। इस पर सपा नेता ने कहा,” नेता प्रतिपक्ष अपनी पार्टी और गठबंधन के अनुसार कार्य करता है। अधिकारी जब सेवा में रहते हैं तो सरकार का गुणगान करते हैं। भाजपा सरकार में रिटायर होने के बाद अधिकारी गुणगान कर रहे हैं, क्योंकि इनको मलाई मिल रही है।”