सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली 45 प्रतिशत मौतें दोपहिया वाहनों से होती हैं: हर्ष मल्होत्रा

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नई दिल्ली, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत में सड़क दुर्घटनाएं एक बड़ी समस्या बनी हुई हैं। हर साल लगभग 1.8 लाख लोगों की जान चली जाती है। सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि इन मौतों में से करीब 45 प्रतिशत हादसे दोपहिया वाहनों से जुड़े होते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक बनें और दूसरों के लिए उदाहरण पेश करें।

पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित ‘उत्तराखंड एडवेंचर राइड’ के तीसरे कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए मंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़ी जागरूकता बहुत जरूरी है। यह पूरे देश में जिम्मेदारी से सड़क का इस्तेमाल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सड़कों का तेजी से विकास और आधुनिकीकरण हुआ है, लेकिन सड़कों पर सुरक्षित रहना लोगों की अपनी जिम्मेदारी भी है और यह उनके व्यवहार पर निर्भर करता है।

उन्होंने बताया कि सरकार सड़क इंजीनियरिंग सुधार रही है, खतरनाक जगहों (ब्लैक स्पॉट) को ठीक कर रही है, और ‘मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019’ जैसे कानूनों के जरिए नियमों का पालन सख्ती से लागू कर रही है। साथ ही, आपातकालीन सेवाओं को भी बेहतर बनाया जा रहा है।

मंत्री ने ‘पीएम राहत योजना’ और ‘राह-वीर योजना’ का भी जिक्र किया, जिनका उद्देश्य सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को समय पर मदद पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि बचपन और युवावस्था से ही सुरक्षित ड्राइविंग की आदत डालना बहुत जरूरी है, ताकि देश में सड़क अनुशासन की मजबूत संस्कृति बन सके।

मल्होत्रा ने उत्तराखंड एडवेंचर राइड का आयोजन करने और अलग-अलग लोगों व संस्थाओं को एक साथ लाने के लिए पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल एडवेंचर टूरिज्म को जागरूकता के साथ जोड़ती है, जिससे समाज के अलग-अलग वर्गों तक सड़क सुरक्षा का जरूरी संदेश आसानी से पहुंचता है।

मल्होत्रा ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की 4 ई रणनीति—इंजीनियरिंग, एनफोर्समेंट, एजुकेशन और इमरजेंसी केयर के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यही रणनीति भारत में सड़क सुरक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव है।

मंत्री ने यह भी बताया कि सड़क सुरक्षा सुधारने में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। इसके लिए एआई आधारित ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आईटीएस), ऑटोमेटेड एनफोर्समेंट सिस्टम और फास्ट टैग जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे यातायात अधिक सुरक्षित और सुगम बन रहा है।