श्रीनगर, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और हंदवाड़ा विधायक सजाद गनी लोन ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पेश एक प्राइवेट मेंबर बिल की तीखी आलोचना की है। उन्होंने इसे ‘सुपर एलीट’ लोगों के पक्ष में बताया और कहा कि इसमें गरीबों के लिए कुछ भी नहीं है।
सजाद लोन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री ने प्राइवेट मेंबर बिल पेश करने की अनुमति दे दी और सरकार ने इसका विरोध नहीं किया। यह बिल सरकारी जमीन पर समाप्त हो चुकी लीज को बढ़ाने से संबंधित है। लोन ने अनुमान लगाया कि इसमें शामिल कश्मीर की कुछ सबसे महंगी रियल एस्टेट की कीमत 70,000 करोड़ से 1 लाख करोड़ रुपए या उससे भी ज्यादा हो सकती है।
उन्होंने सवाल उठाया, “इस बिल का मकसद कश्मीर के सुपर एलीट लोगों की मदद करना है। मैं पूछना चाहता हूं कि इसमें सबसे गरीब लोगों के लिए क्या है?”
लोन ने कहा कि लाखों गरीब परिवार 2 मरला, 3 मरला या अधिकतम एक कनाल जमीन पर घर बनाकर रह रहे हैं। उन्हें रोजाना परेशान किया जाता है, लेकिन वे दशकों से बेबस हैं। क्या वे किसी बिल के हकदार नहीं हैं?
सजाद लोन ने स्पष्ट किया कि वे बिल के पूरी तरह खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसका फायदा सिर्फ अमीर वर्ग को ही हो रहा है। उन्होंने विधानसभा में भी यह सवाल उठाए थे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने दो प्रमुख सवाल पूछे कि सरकारी जमीन का कुल कितना हिस्सा (कनाल में) लीज पर दिया गया है? लीजधारक अब तक कितनी रकम लीज के रूप में चुकाते आए हैं?
लोन ने कहा कि सरकार को गरीबों, भूमिहीनों और छोटे-मोटे दुकानदारों को भी राहत देनी चाहिए, जिन्होंने सरकारी या अर्ध-सरकारी एजेंसियों से जमीन या दुकानें ली हैं। उन्होंने जोर दिया कि बदलाव पहले सबसे गरीबों, फिर गरीबों, मध्यम वर्ग और अंत में एलीट वर्ग के लिए होने चाहिए।
यह बिल नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक विधायक द्वारा पेश किया गया है, जो 2022 के लैंड ग्रांट्स रूल्स को प्रभावित करता है। इन नियमों के तहत समाप्त लीज को नीलामी के जरिए नए सिरे से देने का प्रावधान है। बिल मौजूदा लीजधारकों को लीज बढ़ाने की सुविधा देता है।


