नई दिल्ली, 12 मार्च (आईएएनएस)। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्ष के तमाम सांसदों पर आरोप लगाया कि मकर द्वार पर किसी भी तरह के धरना प्रदर्शन पर रोक के बावजूद वह ‘पिकनिक’ करते दिखाई दिए।
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि आम जनता को एलपीजी पहुंचनी चाहिए; अगर कोई समस्या है तो उस पर सरकार जवाब देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब महिलाओं को भी गैस का कनेक्शन दिया है।
उन्होंने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि आप क्या कर रहे हो? संसद परिसर कोई पिकनिक की जगह नहीं है। संसद अलग है और सड़क अलग है। सड़क का आंदोलन और संसद का आंदोलन अलग होता है। स्पीकर का डायरेक्शन है कि मकर द्वार पर किसी भी तरह का धरना प्रदर्शन नहीं होगा। आज भी स्पीकर ने इस पर बोला है।
निशिकांत दुबे ने कहा कि इन लोगों ने क्या हालत बना रखी है, जो मन में आता है बोलते रहते हैं। ये पागलपन की पराकाष्ठा है कि गांधी परिवार इतने लम्बे समय से सत्ता से बाहर कैसे है। अभी की स्थितियों के अनुसार, 2047 तक कांग्रेस सत्ता में नहीं आने वाली है। इनको लग रहा है कि ऐसे तो हमारी पूरी जिंदगी बीत जाएगी।।
उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ‘आखिरी शासक’ हैं जिनका नाम इतिहास में दर्ज होने जा रहा है। राहुल गांधी को ना तो संसद के नियम पता हैं, ना उन्हें यह पता है कि सड़क पर और संसद में क्या करना है। मुझे लगता है कि आम जनता को बेवकूफ बनाने की कोशिश करने वाली कांग्रेस एक्सपोज हो चुकी है।
निशिकांत दुबे ने एक फोटोग्राफ दिखाया, जिसमें राहुल गांधी समेत तमाम सांसद संसद के द्वार पर बैठकार एलपीजी सिलेंडर को प्रदर्शन कर रहे हैं और साथ में खा पी रहे हैं।
निशिकांत दुबे ने सदन में भी इस मुद्दे को उठाया और चेयर को इससे अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि मैंने नोटिस दिया है। संसद पिकनिक की जगह नहीं है। स्पीकर ने आदेश दिया है कि मकर द्वार पर धरना प्रदर्शन नहीं होगा, कहीं भी चाय-कॉफी नहीं पी जा सकती है। राहुल गांधी की फोटो दिखाते हुए कहा कि ये क्या है?
उन्होंने कहा कि एलपीजी गरीबों की समस्या है, इसको लेकर भी ये पिकनिक मना रहे हैं। 4 दोस्तों को लेकर ये वहां चाय और कॉफी पी रहे हैं। क्या स्पीकर का यही आदेश है? एलपीजी की दिक्कत है, सरकार उसको लेकर चिंतित है लेकिन ये कौन सा तरीका है? राहुल गांधी पर कार्रवाई होनी चाहिए।

