‘स्कूल चलो अभियान’ मिशन मोड में: यूपी सरकार सख्त, 100 प्रतिशत नामांकन और स्मार्ट क्लास पर जोर

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लखनऊ, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने स्पष्ट कर दिया है कि ‘स्कूल चलो अभियान’ को मिशन मोड में चलाकर शत-प्रतिशत नामांकन और नियमित उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित की जाए, साथ ही डिजिटल शिक्षा और स्मार्ट क्लास का अधिकतम उपयोग कर शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाई दी जाए।

पार्थ सारथी सेन शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को नवीन भवन स्थित सभाकक्ष से प्रदेशभर के मुख्य विकास अधिकारियों, डीआईओएस और बीएसए के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नए शैक्षिक सत्र के तहत शासन के एजेंडे के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी की गहन समीक्षा की गई।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ‘स्कूल चलो अभियान’ को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हर जनपद में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर विशेष नजर रखी जाए।

उन्होंने कहा कि अकादमिक कैलेंडर के अनुसार नियमित पढ़ाई, समयबद्ध परीक्षाएं और छात्रों की होलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्ट तैयार कर अभिभावकों से साझा करना अनिवार्य बनाया जाए। बैठक में कक्षावार नामांकन की स्थिति, पाठ्य पुस्तकों के वितरण, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों और प्री-प्राइमरी स्तर पर मानव संसाधन की उपलब्धता, मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों के निर्माण कार्य, निपुण और पीएमश्री विद्यालयों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।

इसके साथ ही आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लास, टैबलेट और डिजिटल लाइब्रेरी के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया, ताकि तकनीक के माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया को और मजबूत बनाया जा सके।

अपर मुख्य सचिव ने छात्र-छात्राओं की अनुपस्थिति रोकने के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ समग्र शिक्षा और पीएमश्री योजना के तहत व्यय की प्रगति को समय से पोर्टल पर अपलोड करने को भी अनिवार्य बताया।

उन्होंने आरटीई के तहत प्रवेश, राजकीय विद्यालयों के निर्माण, बालिका छात्रावास संचालन और व्यावसायिक शिक्षा के लिए प्रयोगशालाओं की स्थापना की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।

बैठक में प्रोजेक्ट अलंकार के तहत विद्यालयों के विकास कार्य, मिनी स्टेडियम निर्माण, पीएम पोषण योजना के तहत मध्यान्ह भोजन की स्थिति और नव भारत साक्षरता कार्यक्रम की प्रगति की भी गहन समीक्षा की गई।

उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार की योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता, पारदर्शिता और नवाचार को प्राथमिकता दी जाए, ताकि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को एक नई दिशा मिल सके।