नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आम बजट पर कहा कि भविष्य की पीढ़ी के लिए शिक्षा, विज्ञान और अनुसंधान में बड़े निवेश का संदेश लेकर आया है।
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल आत्मनिर्भर और मजबूत भारत के निर्माण की एक दूरदर्शी पहल है। इसके तहत खादी, हैंडलूम, हैंडक्राफ्ट और टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा देने के साथ-साथ ब्रांडिंग, गुणवत्ता और स्किलिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस पहल से रोज़गार बढ़ेंगे, महिलाएं सशक्त होंगी। इस बजट में खेती, पशुपालन और ग्रामीण उद्यमों को नई दिशा मिली है। मछलीपालन से लेकर वैल्यू-एडेड एग्री प्रोडक्ट्स तक, किसानों की आय बढ़ाने पर साफ़ फोकस है। तकनीक, उद्यमिता और महिला सशक्तिकरण के ज़रिये ग्रामीण भारत में रोज़गार और आत्मनिर्भरता को मज़बूती दी जा रही है। बजट 2026-27 में डिजिटल भारत को नई दिशा दी जा रही है। आईटी सेक्टर को सशक्त बनाकर हम इनोवेशन, तकनीकी प्रगति और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ेंगे। यह कदम भारत को और आत्मनिर्भर, स्मार्ट और भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
पीएम मोदी के नेतृत्व में पशुपालन सिर्फ आजीविका नहीं बल्कि रोज़गार और उद्यमिता का मजबूत आधार बन रहा है। क्रेडिट सहायता, आधुनिक पशुधन उद्यम, डेयरी और पोल्ट्री वैल्यू चेन का विस्तार तथा लाइवस्टॉक के माध्यम से ग्रामीण भारत के लिए आय, आत्मनिर्भरता और नए अवसर सृजित किए जाएंगे। यह पहल समावेशी विकास और सशक्त ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में एक निर्णायक कदम है। पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में समर्थ 2.0 भारत के टेक्सटाइल सेक्टर की दिशा बदलने जा रहा है। 2800 करोड़ रुपए के निवेश से अगले 5 वर्षों में 15 लाख लोगों को स्किल देकर भारत को टेक्सटाइल, डिज़ाइन और इनोवेशन का वैश्विक केंद्र बनाया जाएगा और 2030 तक टेक्सटाइल सेक्टर में स्किल गैप को 50 प्रतिशत तक कम किया जाएगा। समर्थ 2.0 सबका साथ सबका विकास के मंत्र के साथ तकनीक और परंपरा मिलकर महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों को सशक्त करेंगे। मोदी सरकार ने बायोफार्मा शक्ति का विस्तार कर रिसर्च , नवाचार और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा दिया है।आत्मनिर्भर भारत को मजबूती देते हुए विकसित भारत की सशक्त नींव रखी जा रही है।

