भोपाल, 12 फरवरी (आईएएनएस)। श्रमिक संगठनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का मध्य प्रदेश में भी असर रहा। यहां के तमाम बैंकों की शाखाओं, बीमा और बीएसएनएल के अलावा डाक विभाग तथा अन्य केंद्रीय संस्थानों में कामकाज प्रभावित हुआ।
श्रमिक संगठनों के बैनर तले कर्मचारी सड़कों पर उतरे और उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए श्रमिक कानून के खिलाफ केंद्रीय श्रम संगठनों ने गुरुवार को भारत बंद का आह्वान किया था। श्रमिक संगठनों का आरोप है कि केंद्र सरकार के ये कानून कर्मचारी विरोधी हैं और कर्मचारियों के हितों के खिलाफ भी हैं। कर्मचारी गुरुवार को काम पर नहीं गए और उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया।
इस आंदोलन के चलते राज्य के विभिन्न बैंकों की शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा। इसी तरह ऑर्डनेंस फैक्ट्री के कर्मचारियों ने जबलपुर, इटारसी और कटनी में विरोध दर्ज कराया। राजधानी में भी बैंक कर्मचारियों के अलावा बीमा, बीएसएनएल और केंद्रीय संस्थानों से जुड़े कर्मचारियों ने भी भारत बंद आंदोलन का समर्थन किया, और यही कारण रहा कि इन संस्थानों में कामकाज प्रभावित रहा।
मध्य प्रदेश बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन के पदाधिकारी वी के शर्मा का कहना है कि केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने आंदोलन में हिस्सा लिया, क्योंकि सरकार ने 29 कानून को खत्म कर चार श्रम संहिताएं बनाई हैं जो कर्मचारी के अधिकारों को कमजोर करती हैं।
इन संहिताओं के चलते कर्मचारियों के लिए अपनी सेवाएं जारी रखना मुश्किल हो जाएगा। कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो आगामी समय में आंदोलन को और गति दी जाएगी।
गुरुवार को हुए आंदोलन में पूरे देश में बड़ी संख्या में कर्मचारियों के हिस्सेदार लेने का दावा किया जा रहा है, और आगामी समय में प्रस्तावित आंदोलन के व्यापक असर की श्रमिक संगठनों ने संभावना जताई है।

