मुंबई, 12 मार्च (आईएएनएस)। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्या मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी पवन बिश्नोई और जगतार सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दोनों आरोपियों को राहत दी है।
कोर्ट ने पवन बिश्नोई और जगतार सिंह दोनों को जमानत दे दी है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने दोनों आरोपियों को राहत देते हुए जमानत दे दी है। दोनों पर 2022 में हुई सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश और उससे जुड़े मामलों में आरोप लगाए गए थे। पवन बिश्नोई और जगतार सिंह पर हत्याकांड में शूटरों को बोलेरो गाड़ी मुहैया कराने का आरोप लगा था और चार्जशीट में दोनों के तार बिश्नोई गैंग और गोल्डी बराड़ से जोड़े गए थे।
इससे पहले, साल 2023 में आरोपी पवन बिश्नोई और जगतार सिंह ने मनसा की स्थानीय अदालत में जमानत की अर्जी लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया था। वहीं पवन बिश्नोई ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखते हुए खुद को निर्दोष बताया था और दावा किया था कि मामले की जांच कर रही पुलिस उन्हें जबरन फंसाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने किसी को भी कार मुहैया नहीं कराई थी। हालांकि सरकारी पक्ष ने गैंगस्टर की मदद और हत्याकांड को अंजाम देने में मदद करने को घिनौना कृत्य बताते हुए जमानत देने का विरोध किया था और कोर्ट ने भी दोनों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट से दोनों को जमानत मिल चुकी है।
बता दें कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या 29 मई, 2022 को हुई थी। सिंगर गाड़ी से घर से कुछ ही दूरी पर निकले थे, और तभी कुछ अज्ञात हमलावरों ने सिंगर पर ताबड़तोड़ फायरिंग की और मौके पर ही सिंगर की मौत हो गई थी। हमले की जिम्मेदारी खुद लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पर फेसबुक पेज के जरिए ली थी। उन्होंने सिद्धू की हत्या को अपने भाई विक्की मिड्डखेड़ा की मौत का बदला कहा था।
विक्की मिड्डखेड़ा की हत्या के बाद पुलिस की जांच में सामने आया था कि जिन शूटर्स ने विक्की की हत्या की थी, उन्हें गायक सिद्धू मूसेवाला के मैनेजर शगनप्रीत सिंह ने किसी फ्लैट में ठहरने की जगह दी थी, जिसके बाद ही सिंगर बिश्नोई गैंग के निशाने पर थे।

