लखनऊ, 11 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बुधवार को लखनऊ स्थित संगम सभागार में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) तथा नगर विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
इस दौरान उन्होंने सौर ऊर्जा परियोजनाओं, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और पीएम कुसुम योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में जल्द ही देश में अग्रणी स्थान हासिल करेगा।
समीक्षा बैठक में मंत्री एके शर्मा ने प्रदेश में संचालित सौर ऊर्जा परियोजनाओं की प्रगति पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बुंदेलखंड सहित विभिन्न जनपदों में स्थापित किए जा रहे सोलर प्रोजेक्ट्स की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और पीएम कुसुम योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के विस्तार से स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों सहित आम नागरिकों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। बैठक में अपर मुख्य सचिव नरेंद्र भूषण ने मंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है।
उन्होंने बताया कि सोलर परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें कर रही है। इस दौरान मंत्री ए.के. शर्मा ने नगर विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि नगर विकास से जुड़ी योजनाओं का सीधा संबंध आम नागरिकों के जीवन स्तर से है, इसलिए इन परियोजनाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
बैठक में स्मार्ट पालिका योजना, सीएम ग्रिड योजना, आकांक्षी नगर योजना, अमृत योजना तथा मुख्यमंत्री नगरोदय योजना की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन योजनाओं के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विकास सुनिश्चित किया जाए, ताकि नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें और शहरों का समग्र विकास आगे बढ़ सके।

