सोमेश्वर धाम के कपाट रोजाना खोलने की मांग तेज: संतों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी

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रायसेन, 14 फरवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के ऐतिहासिक किले पर स्थित प्राचीन सोमेश्वर धाम के कपाट प्रतिदिन दर्शनार्थियों के लिए खोलने की मांग अब तेज हो गई है।

शनिवार को ‘सोमेश्वर धाम मुक्ति मोर्चा’ के बैनर तले संत समाज, हिंदू संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने एकजुट होकर बड़ा प्रदर्शन किया। पाटनदेव हनुमान मंदिर से शुरू हुई विशाल रैली शहर के मुख्य मार्गों से गुजरती हुई सागर-भोपाल तिराहे तक पहुंची, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए।

रैली में संतों ने सरकार के खिलाफ तीखे नारे लगाए और चेतावनी दी कि यदि सोमेश्वर धाम के दरवाजे जल्द ही रोजाना खोलने का फैसला नहीं लिया गया, तो हिंदू समाज उग्र आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएगा।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह धाम हजारों भक्तों की आस्था का केंद्र है। पुरातत्व विभाग के नियमों के कारण मंदिर के कपाट साल भर बंद रहते हैं और केवल महाशिवरात्रि के दिन कुछ घंटों के लिए खोले जाते हैं। भक्तों का मानना है कि यह उनकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ है और मंदिर को नियमित रूप से खोलना चाहिए, ताकि रोजाना दर्शन हो सकें।

वहीं, रैली के अंत में मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम मनीष शर्मा को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई है कि सोमेश्वर धाम को पुरातत्व विभाग के प्रतिबंधों से मुक्त किया जाए और भक्तों के लिए रोजाना खोला जाए।

प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि, मुक्ति मोर्चा के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा और अगर आवश्यक हुआ तो और बड़े स्तर पर विरोध किया जाएगा।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह मुद्दा रायसेन में लंबे समय से चर्चा में है। स्थानीय लोग और संत समाज का कहना है कि मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए इसे आम भक्तों के लिए सुलभ बनाना जरूरी है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।