भोपाल, 7 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि बेटियों के कल्याण के लिए केंद्र और राज्य सरकार मुहिम चलाए हुए हैं। अब ऐसे समाज के निर्माण की जरूरत है, जहां बेटियां सुरक्षित और आत्मनिर्भर बने।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रदेश की महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक स्वावलंबन और शैक्षणिक विकास ही एक स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध समाज की नींव है। मध्य प्रदेश की सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र पर चलते हुए आधी आबादी को पूरा हक देने के लिए कृतसंकल्पित है।
उन्होंने महिला दिवस पर आह्वान किया कि सब मिलकर एक ऐसे समाज के निर्माण का संकल्प लें, जहां हर बेटी सुरक्षित हो, हर महिला आत्मनिर्भर हो और हर मां के चेहरे पर मुस्कान हो।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मुख्यमंत्री मोहन यादव के सुशासन में आज का नया भारत ‘महिलाओं के विकास’ से आगे बढ़कर ‘महिलाओं के नेतृत्व में विकास’ की ओर अग्रसर है।
राज्यमंत्री गौर ने कहा कि हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़ी महिला भी विकास की मुख्यधारा से जुड़े और ‘अंत्योदय’ का संकल्प सिद्ध हो।
उन्होंने बताया कि ‘विकसित भारत 2047’ का सपना तब तक अधूरा है, जब तक समाज के सबसे वंचित वर्गों की महिलाओं का उत्थान न हो। इसी ध्येय के साथ हमारी सरकार द्वारा बेटियों की उत्कृष्ट शिक्षा के लिए संचालित छात्रावासों को सभी सुविधाओं से युक्त ‘आदर्श छात्रावास’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। छात्राओं को समय पर पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का लाभ दिया जा रहा है।
इसके अलावा, ‘सरदार पटेल कोचिंग योजना’ और राष्ट्रीय ‘सीड’ परियोजना के माध्यम से बेटियों को यूपीएससी, एमपीपीएससी, नीट, जेईई जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वे प्रशासनिक और तकनीकी उच्च पदों पर चयनित हो सकें।
गौर ने बताया कि पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं के पारंपरिक व्यवसायों को आधुनिक बाजार की जरूरतों के हिसाब से अपग्रेड करने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इससे उनके उत्पाद बाजार में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं और महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।

