टी20 विश्व कप: टीम इंडिया के चैंपियन बनने के सफर में ‘टर्निंग प्वाइंट’ साबित हुआ ये मैच

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नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट टीम ने टी20 विश्व कप 2026 का खिताब जीत लिया है। टीम इंडिया ने लगातार दूसरी बार और कुल तीसरी बार खिताब जीतकर इतिहास रचा है।

भारतीय टीम के लिए विश्व चैंपियन बनने का सफर आसान नहीं रहा, लेकिन पहले मैच से लेकर फाइनल के बीच में एक ऐसा मैच आया जिसने टीम इंडिया को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर किया। बदली रणनीति के साथ टीम और मजबूत और चैंपियन बनकर उभरी।

भारतीय टीम ग्रुप स्टेज में यूएसए, पाकिस्तान, नामीबिया और नीदरलैंड के खिलाफ जीती और ग्रुप में पहले स्थान पर रहते हुए सुपर-8 के लिए क्वालीफाई किया। टीम इंडिया सुपर-8 में आ तो गई थी, लेकिन टीम में कई कमियां थीं, जिसपर प्रबंधन का ध्यान नहीं जा रहा था। प्लेइंग इलेवन में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की अधिकता, अभिषेक का शीर्ष में फ्लॉप रहना। मीडिल ऑर्डर में सूर्या और तिलक का धीमा खेलना, निचले क्रम में रिंकू की लगातार असफलता भारतीय टीम की बड़ी कमी के रूप में उभरी थी। अक्षर पटेल पर वाशिंगटन सुंदर को प्राथमिकता देना भी एक गलत निर्णय साबित हो रहा था।

इन कमियों के साथ ही सुपर-8 के पहले मैच में भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उतरी थी। दक्षिण अफ्रीका शानदार फॉर्म में थी, और भारत को 76 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस हार ने टीम इंडिया को अपनी कमियों को दूर करने की रणनीति बनाने के लिए मजबूर किया।

भारतीय टीम ने रणनीति बनाई और प्लेइंग इलेवन में बदलाव किया। टीम में संजू सैमसन की वापसी हुई और वह अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करने लगे। इससे दाएं और बाएं हाथ का मजबूत कंबिनेशन बना। तीसरे नंबर पर ईशान किशन आने लगे। रिंकू सिंह को बाहर कर तिलक वर्मा को नीचे भेजा गया। सुंदर की जगह अक्षर लौट आए।

सैमसन की वापसी ओपनिंग मजबूत हुई। सैमसन 321 रन बनाकर प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे। तिलक नीचे बल्लेबाजी करते हुए तेज खेलने लगे। अक्षर ने सेमीफाइनल और फाइनल में अपनी गेंदबाजी और फील्डिंग से कमाल किया।

बदली रणनीति के साथ उतरी भारतीय टीम पहले ज्यादा मजबूत नजर आई और फिर दक्षिण अफ्रीका वाले मैच के बाद बिना कोई मैच गंवाए विश्व कप जीत लिया।