तंबाकू किसानों की समस्याओं पर गोयल-कुमारस्वामी की बैठक, पूर्व पीएम देवेगौड़ा की उपस्थिति में नए बाजारों की तलाश पर जोर

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नई दिल्ली, 13 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा की उपस्थिति में कर्नाटक के तंबाकू किसानों की समस्याओं पर एक महत्वपूर्ण बैठक की।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए बताया, “पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा से मिलकर बहुत खुशी हुई। उनकी उपस्थिति में, मैंने मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी और कर्नाटक के तंबाकू उत्पादक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की। हमने निर्यात को बढ़ावा देने, नए वैश्विक अवसरों की तलाश करने और किसानों के लिए आय के स्रोतों व आजीविका को मजबूत करने पर चर्चा की।”

एच.डी. कुमारस्वामी, जो वर्तमान में भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री हैं, ने भी सोशल मीडिया पर पीयूष गोयल से मुलाकात की जानकारी शेयर की। उन्होंने लिखा, “पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा की उपस्थिति में, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ-साथ कर्नाटक के तंबाकू उत्पादक क्षेत्रों के जन प्रतिनिधियों के साथ, तंबाकू किसानों के सामने आने वाली चुनौतियों के संबंध में एक सार्थक चर्चा हुई।”

उन्होंने बताया, “गोयल ने उत्पादकों की कई प्रमुख मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, जिनमें तंबाकू की तत्काल खरीद, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात का विस्तार और नए विदेशी बाजारों की खोज शामिल है। उन्होंने अपने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और तंबाकू खरीद उद्योग के प्रमुख हितधारकों को भी निर्देश दिया कि वे इस मामले पर विचार-विमर्श करें और किसानों को समय पर राहत प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं, जिसका उद्देश्य मौजूदा संकट का समाधान करना है।”

बैठक में पूर्व मंत्री सा. रा. महेश, मैसूर-कोडागु सांसद यादुवीर वाडियार, विधायक ए. मंजू, जी.डी. हरीश गौड़ा, सी.एन. मंजगौड़ा, कोलार सांसद मल्लेशा बाबू, पूर्व विधायक महादेवू, अश्विन कुमार और जनता दल (एस) के वरिष्ठ नेता कृष्णनायक सहित कई प्रमुख नेता शामिल हुए।

कर्नाटक में तंबाकू (मुख्य रूप से एफसीवी – फ्लू-क्यूर्ड वर्जीनिया तंबाकू) एक प्रमुख नकदी फसल है, जो मैसूर, कोडागु, कोलार और अन्य क्षेत्रों में लाखों किसानों की आजीविका का आधार है। किसान पिछले कुछ समय से कम कीमत, अधिक उत्पादन, खराब मौसम और निर्यात में बाधाओं जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। बैठक में तत्काल खरीद, निर्यात बढ़ावा और नए बाजारों की तलाश पर फोकस किया गया, जो किसानों की आय बढ़ाने और संकट से उबारने में मददगार साबित हो सकता है।