नई दिल्ली/मुंबई, 16 फरवरी (आईएएनएस)। शिवसेना-यूबीटी के नेता संजय राउत ने महाराष्ट्र में टीपू सुल्तान विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आरोपों पर जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि जनता या राष्ट्रहित का कोई मुद्दा नहीं है, तो यह कोई भी मुद्दा उठाकर हिंदू-मुस्लिम करते हैं।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा, “मालेगांव डिप्टी मेयर के दफ्तर की दीवार पर (टीपू सुल्तान की) तस्वीर लगी थी, जिसे हटा दिया गया है। अब यह मुद्दा खत्म होना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा, “भाजपा के पास कोई काम-धंधा नहीं है। जनता या राष्ट्रहित का कोई मुद्दा नहीं है, तो यह कोई भी मुद्दा उठाकर हिंदू-मुस्लिम करते हैं। अगर टीपू सुल्तान के बारे में सच जानना है, तो रामनाथ कोविंद (पूर्व राष्ट्रपति), जिन्हें आपने (भाजपा) खुद बनाया था, उनका कर्नाटक विधानसभा में दिया गया भाषण सुनें। मुंबई महानगरपालिका में भाजपा पार्षदों ने सड़क के नाम टीपू सुल्तान के नाम पर रखने का प्रस्ताव भी रखा था।”
महाराष्ट्र में टीपू सुल्तान पर राजनीतिक विवाद की शुरुआत उस समय हुई, जब मालेगांव की डिप्टी मेयर निहाल अहमद ने अपने कार्यालय में उसकी तस्वीर लगाई। बाद में कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज के साथ करके इस विवाद को और तूल दिया।
भाजपा और शिवसेना (एकनाथ शिंदे) के विरोध के बाद मालेगांव की डिप्टी मेयर के कार्यालय से तस्वीर हटाई गई है। भाजपा इस मामले में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना-यूबीटी पर हमलावर है।
सोमवार को भाजपा विधायक राम कदम ने कहा, “अगर स्वर्गीय बाला साहेब ठाकरे जीवित होते, तो जिस प्रकार का बयान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष ने दिया है, खुद अपने जूते या चाबुक से उसका समाचार लेते। लेकिन बाला साहेब की विचारधारा पूरी तरह राहुल गांधी के चरणों में रखने वाले उद्धव ठाकरे और उनके समस्त नेता चुप बैठे हैं।”
भाजपा विधायक ने सवाल किया, “क्या कारण है? हाथ में रुद्राक्ष की माला पहनने का ढोंग करने वाले उद्धव ठाकरे, जब छत्रपति शिवाजी महाराज का कांग्रेस की नेता अवमानना कर रहे हैं, तो आप बोल क्यों नहीं रहे? क्या यह आपका हिंदुत्व है? कहां खो गया तुम्हारा हिंदुत्व? यह पूरी तरह से उद्धव की सेना अब सोनिया सेना बनी है, यह फिर एक बार सिद्ध हो गया।”

