टीएमसी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं को दे रही संरक्षणः संजय सरावगी

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पटना, 29 मार्च (आईएएनएस)। बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव और ममता बनर्जी को लेकर मीडिया से बातचीत करते हुए प्रतिक्रिया दी। संजय सरावगी ने दावा किया कि टीएमसी अवैध घुसपैठियों, बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को संरक्षण दे रही है।

गृहमंत्री अमित शाह ने एक दिन पहले कहा था कि घुसपैठिए भारत में बंगाल के रास्ते आते हैं। इस पर संजय सरावगी ने कहा, “गृह मंत्री ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार की स्थिति के बारे में बिल्कुल सही कहा है। टीएमसी सरकार घुसपैठियों, शरणार्थियों और बांग्लादेशी नागरिकों को संरक्षण दे रही है। पश्चिम बंगाल के संसाधनों का घुसपैठिए और रोहिंग्या कर रहे हैं। इसकी वजह से बंगाल के लोगों को संसाधनों की कमी हो रही है। पश्चिम बंगाल में मुसलमानों की आबादी लगातार बढ़ रही है। पूरी सरकार बांग्लादेशियों और घुसपैठियों को संरक्षण देने में लगी हुई है। आने वाले दिनों में इसका खामियाजा ममता बनर्जी और टीएमसी को भुगतना पड़ेगा। इस बार भाजपा की सरकार बनेगी और ममता दीदी अपने घर जाएंगी। ”

मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा, “बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्र पहले पाकिस्तान से लगते थे और अब पश्चिम बंगाल से लगते हैं। बांग्लादेश का बॉर्डर असम से लेकर बंगाल तक फैला हुआ है। इसलिए, पूरे क्षेत्र में बाड़ लगाना आवश्यक है। कहीं पहाड़ है और कहीं नदी है, इसलिए बाड़ लगाने में दिक्कत हो रही है, लेकिन इसका फायदा घुसपैठिए उठा रहे हैं। इसलिए देश की सुरक्षा के लिए बाड़ लगाना जरूरी है।”

गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन पर 35 पन्नों का ‘श्वेत पत्र’ जारी किया। इस रिपोर्ट में पांच बड़े मुद्दों को उठाया गया है, जिसमें घुसपैठ, व्यवस्था में भ्रष्टाचार और संस्थाओं की कमजोरी, आर्थिक और औद्योगिक गिरावट, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था और “सामाजिक ढांचे का कमजोर होना” शामिल है।

“घुसपैठ” के मुद्दे पर ‘श्वेत पत्र’ में दावा किया गया है कि पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश के साथ लगने वाली 2,216.7 किमी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा में से 569 किमी हिस्सा अभी तक बिना बाड़ (फेंसिंग) के है। राज्य सरकार द्वारा जमीन अधिग्रहण में देरी के कारण यह काम नहीं हो पाया, जिससे घुसपैठ को बढ़ावा मिला। दस्तावेज में यह भी आरोप लगाया गया है कि तृणमूल कांग्रेस ने “वोट बैंक” बनाने के लिए घुसपैठियों को फर्जी पहचान पत्र दिलाने में सिंडिकेट चलाए, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और जनसंख्या संतुलन पर असर पड़ा।